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सिद्धार्थनगर के इटवा कस्बे में जनता सेवा अस्पताल पर शनिवार देर रात स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जिस अस्पताल को जांच पूरी होने तक बंद रखने का आदेश दिया गया था, वहां मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगाकर अंदर मरीजों का इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान एक युवक, जिस पर खुद को डॉक्टर बताकर प्रसूताओं का ऑपरेशन करने के आरोप हैं, अस्पताल के एक बेड के नीचे छिपा मिला।
स्वास्थ्य विभाग के नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेन्द्र पाल, इटवा तहसीलदार, प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा और सीएचसी इटवा के अधीक्षक की संयुक्त टीम शनिवार रात करीब 11:30 बजे अस्पताल पहुंची। मुख्य गेट पर ताला लगा होने पर उसे खुलवाकर टीम जब अंदर गई, तो अधिकांश लाइटें बंद मिलीं। तलाशी के दौरान मरीज, उनके तीमारदार और अस्पताल का स्टाफ मौजूद था। अधिकारियों ने भर्ती दो मरीजों और उनके परिजनों से पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि दोनों का ऑपरेशन शनिवार रात ही किया गया था। अस्पताल में कोई पंजीकृत चिकित्सक नहीं मिला। मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। तलाशी के दौरान प्रवीण यादव, जिस पर प्रसूताओं का ऑपरेशन करने का आरोप है, एक कमरे में बेड के नीचे छिपा मिला। संयुक्त टीम ने उसे और दो महिला कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इसके तुरंत बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।
यह छापेमारी जनता सेवा अस्पताल में 23 मई की रात हुई एक घटना के मद्देनजर की गई थी, जब प्रसव के लिए भर्ती कराई गई बंदना के ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत हो गई थी और प्रसूता की हालत गंभीर हो गई थी। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि ऑपरेशन किसी विशेषज्ञ डॉक्टर ने नहीं, बल्कि प्रवीण यादव और उसके सहयोगी ने किया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच टीम गठित की थी और अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जांच पूरी होने तक अस्पताल का संचालन नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, अस्पताल पर बाहर से ताला लगाकर अंदर मरीज भर्ती करने और ऑपरेशन करने के आरोप लगे थे।
छापेमारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल से मिले दस्तावेज, भर्ती रजिस्टर, ऑपरेशन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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