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लोकप्रिय यूट्यूबर श्री मनीष कश्यप जी की 2026 मॉडल टोयोटा कार भारत में खराब पेट्रोल मिलने की वजह से 10,000 किलोमीटर सर्विस के बाद खराब हो गई है, जिससे ईंधन में एथेनॉल के मिश्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में, भारत के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन उपलब्ध है, जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल शामिल होता है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाती है।
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के विभिन्न स्तरों में E10 (10% एथेनॉल), वर्तमान मानक E20 (20% एथेनॉल), और कुछ देशों में प्रयुक्त होने वाला E85 (85% एथेनॉल) शामिल है, जिसके लिए विशेष डिज़ाइन किए गए इंजन की आवश्यकता होती है। यह भी बताया गया है कि पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा मिलाने से कारों का प्रदर्शन घटने लगा है। ईंधन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए, पेट्रोल भरवाते समय उसकी डेंसिटी (घनत्व) की जांच करना महत्वपूर्ण है। 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पेट्रोल का घनत्व आमतौर पर 720 से 775 किलोग्राम/मी³ के बीच होना चाहिए, जो शुद्ध ईंधन का मानक है।
भारत के फ्यूल सेक्टर में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, क्योंकि सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे नए फ्यूल ब्लेंड स्टैंडर्ड जारी किए हैं, जिसका अर्थ है कि भविष्य में पेट्रोल में 30% तक एथेनॉल मिलाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य तेल आयात कम करना, किसानों की आय बढ़ाना, प्रदूषण घटाना और भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
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