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बिहार के भोजपुर जिले स्थित बिलौटी गांव में 24 जून को भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करना और घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाना था।
यह महापंचायत स्थानीय ग्रामीणों और ‘सर्व समाज’ (36 बिरादरी) द्वारा पीड़ित परिवार के समर्थन में बुलाई गई थी। आयोजकों के अनुसार, इस महाजुटान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, परशुराम महासभा और हिंदू महासभा जैसे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान ‘जन सुराज’ (Jan Suraaj) के संस्थापक प्रशांत किशोर भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और महापंचायत में हिस्सा लिया।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, बावजूद इसके पुलिस ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ और एसएचओ सहित कई पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। महापंचायत में शामिल लोगों ने मांग की कि इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे के वास्तविक दोषियों और आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों ने सरकार से कटाव पीड़ित परिवारों के लिए बन रही पुनर्वास कॉलोनी का नाम बदलकर ‘भरत तिवारी नगर’ रखने की मांग की। भीड़ ने यह चेतावनी भी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अंतिम संस्कार/श्राद्धकर्म के बाद बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे।
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