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उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम थाने से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची की गुमशुदगी के बाद जब उसे बरामद किया गया, तो थाने के अंदर का मंजर देखकर परिजन सकते में आ गए। परिजनों का गंभीर आरोप है कि उन्हें थाने में बच्ची के खून से लथपथ कपड़े मिले, जिसके बाद उन्होंने बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका जताई है। पीड़ित पिता उजियारे लाल गौतम ने अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट बिलग्राम थाने में दर्ज कराई थी।
जब परिजन अपनी बेटी के खून से सने कपड़े देखकर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने और सवाल पूछने थाने पहुंचे, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे हमदर्दी दिखाने के बजाय उन्हें भद्दी गालियाँ दीं और थाने से बाहर खदेड़ दिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जब एक स्थानीय पत्रकार ने कवरेज शुरू की और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना चाहा, तो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी उन पर भड़क गए। पत्रकार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की, मोबाइल छीनने की कोशिश की और मां-बहन की गालियाँ दीं। पीड़ित पत्रकार ने थाने में तैनात पुलिसकर्मी धर्मेंद्र गिरी और दरोगा देवनारायण पांडे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और दावा किया है कि उनके पास पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौज और बदसलूकी की पूरी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है।
यह घटना सूबे की सरकार के कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों पर सवाल खड़े करती है, और हरदोई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ बच्ची के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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