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शाहाबाद में अवैध वसूली के खिलाफ एक आईपीएस अधिकारी के पुलिस एक्शन ने न केवल अपराधियों को बल्कि पूरे तंत्र को एक स्पष्ट संदेश दिया है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई से शाहाबाद कोतवाली और जामामस्जिद चौकी पुलिस की गुंडा टैक्स वसूली और अपराध व अपराधियों के साथ कथित मिलीभगत भी उजागर हो गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक एवं वर्तमान में क्षेत्राधिकारी शाहाबाद का कार्यभार देख रहे आईपीएस अधिकारी आलोक राज नारायण ने स्वयं सादे वस्त्रों में अल्लाहपुर तिराहे पर पहुँचकर अवैध वसूली के इस खेल को देखा। उन्होंने बिना किसी सरकारी काफिले के, बाइक से सिविल ड्रेस में पहुंचकर, करीब बीस मिनट तक सामान्य व्यक्ति की तरह खड़े होकर पूरे घटनाक्रम का अवलोकन किया। जैसे ही दो युवक टेंपो चालकों से कथित रूप से अवैध वसूली करते दिखाई दिए, आईपीएस अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई।
इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद अल्हापुर तिराहा स्थित टैक्सी स्टैंड पर हड़कंप मच गया। लंबे समय से अवैध वसूली से परेशान वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और पुलिस की इस साहसिक पहल का स्वागत किया। यह कार्रवाई अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जनमानस की अपेक्षा है कि इस साहसिक निर्णय की तर्ज पर शाहाबाद में सक्रिय अन्य संगठित अपराधों, जैसे अवैध वसूली, भू-माफिया, नशा कारोबार और अपराध के संगठित नेटवर्क पर भी इसी प्रकार योजनाबद्ध, निष्पक्ष और निर्णायक कार्रवाई जारी रहे। यदि कानून का यह स्वरूप निरंतर दिखाई देता रहा, तो अपराधियों में भय और आम नागरिकों में विश्वास दोनों और मजबूत होंगे। इस प्रभावी कार्रवाई के लिए आईपीएस आलोक राज नारायण को हृदय से धन्यवाद दिया गया है।
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