अज्ञान के तिमिर को मिटाकर ज्ञान, संस्कार व सदाचार के दिव्य प्रकाश से जीवन को आलोकित करने वाले समस्त पूज्य गुरुजनों को ‘गुरु पूर्णिमा’ की अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं।
सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है, उनकी अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और ‘राष्ट्र आराधना’ की सच्ची प्रेरणा प्राप्त होती है।
मानवता का पथ-प्रदर्शन कर एक श्रेष्ठ व संस्कारवान समाज का निर्माण करने वाले सभी पूज्य गुरुजनों को कोटिशः नमन।
अज्ञान के तिमिर को मिटाकर ज्ञान, संस्कार व सदाचार के दिव्य प्रकाश से जीवन को आलोकित करने वाले समस्त पूज्य गुरुजनों को ‘गुरु पूर्णिमा’ की अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं।
सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है, उनकी अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और ‘राष्ट्र आराधना’ की सच्ची प्रेरणा प्राप्त होती है।
मानवता का पथ-प्रदर्शन कर एक श्रेष्ठ व संस्कारवान समाज का निर्माण करने वाले सभी पूज्य गुरुजनों को कोटिशः नमन।
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