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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने फतेहपुर जिले के दौरे पर 489 करोड़ रुपये से अधिक की 125 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने गंगा और यमुना के जल से पोषित इस पावन भूमि को नमन किया। उन्होंने ठाकुर दरियाव सिंह, उनके वीर पुत्र सुजान सिंह और अमर शहीद जोधा सिंह अटैया जैसे बहादुर सपूतों का स्मरण करने के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी और राष्ट्रीय कवि सोहन लाल द्विवेदी जैसे साहित्यकारों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने परीक्षा माफिया और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने परीक्षा माफिया को पाला-पोसा और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को संरक्षण दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा और उसके परिणाम तय समय पर घोषित किए गए ताकि छात्रों का साल खराब न हो। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि डबल इंजन सरकार में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो जगह हैं—जेल या संपत्ति जब्ती। उन्होंने यह भी कहा कि माफियाओं के पूर्वजों की कमाई वाली संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।
क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास कभी सपा के एजेंडे में नहीं रहा और उनके समय में ठेके, पट्टे तथा अवैध कब्जे ही मुख्य धंधा थे। उन्होंने लखनऊ में सपा के पूर्व विधायक द्वारा कब्जा किए गए प्लॉट पर बुलडोजर चलाए जाने का हवाला दिया। युवाओं के लिए सकारात्मक तस्वीर पेश करते हुए उन्होंने बताया कि नए भारत का युवा आत्मविश्वास से भरा है और एक साल में 12 लाख सरकारी नौकरियों के जरिए युवाओं के लिए अनेक क्षेत्रों में अवसर खुले हैं।
यह दौरा NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है, जहां सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का दावा कर रही है। सीएम योगी के इस दौरे को राज्य सरकार की ‘माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश’ और तेज विकास की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। जहां स्थानीय लोगों में इन विकास कार्यों को लेकर उत्साह देखा गया, वहीं विपक्षी दलों ने इसे महज राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
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