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इटावा का बड़ा ठग और Ukava Electric Scooty एजेंसी का मालिक प्रवीण गुप्ता, जिसने ₹22 लाख की ठगी की थी, उसे सिविल लाइन्स पुलिस ने 1 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रवीण गुप्ता के खिलाफ इटावा, आगरा, आजमगढ़, मऊ और बंदायूं में लगभग आधा दर्जन धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल इटावा सेंट्रल जेल में बंद है।
प्रवीण गुप्ता ने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट को भी गलत तथ्य पेश कर गुमराह किया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। जसवंतनगर निवासी विकास पाठक से भी प्रवीण गुप्ता ने ₹20 लाख 28 हजार 837 की ठगी की थी, जिसके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज है।
यह कार्रवाई विशेष रूप से पक्का बाग निवासी राकेश त्रिपाठी से ₹22 लाख की ठगी के मामले से जुड़ी है। राकेश त्रिपाठी की शिकायत पर 2022 में सीजेएम न्यायालय के आदेश पर प्रवीण गुप्ता के खिलाफ धारा 406 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। शुरुआत में, प्रवीण गुप्ता ने फर्जी बिल वाउचर पेश कर और पुलिस को गुमराह कर इस मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगवा ली थी। हालांकि, वादी राकेश त्रिपाठी ने विरोध करते हुए न्यायालय में सभी सबूत पेश किए, जिसमें जाली हस्ताक्षरों वाले चुराए गए चेक भी शामिल थे। इसके बाद, सीजेएम कोर्ट ने मामले की फिर से विवेचना का आदेश दिया।
थाना प्रभारी सिविल लाइन्स के.के. मिश्रा ने इस पूरे मामले की अगुवाई करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की। जांच के दौरान, प्रवीण गुप्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे में धारा 420, 467, 468, 471, 120(बी) और 34 की वृद्धि की गई। पुलिस अब प्रवीण गुप्ता के साथी ठगों की तलाश कर रही है, और उम्मीद है कि वे भी जल्द ही जेल जाएंगे। प्रवीण गुप्ता की ठगी का तरीका था कि वह पहले लोगों का विश्वास जीतता और संबंध बनाता, फिर Ukava Electric Scooty के अपने व्यवसाय में यह कहकर पैसे लगाने का लालच देता कि वे जल्द ही करोड़पति बन जाएंगे। एक बार जब शिकार उसके जाल में फंस जाता, तो प्रवीण गुप्ता उनके पैसे हड़प लेता और वापस नहीं करता। इटावा एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन और एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सिविल लाइन्स पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
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