शुरू न्यूज़
मूंग खरीदी और ई-टोकन की मांग को लेकर किसानों का भोपाल कूच, नर्मदापुरम में जोश के साथ आगे बढ़ा आंदोलन
मूंग खरीदी और ई-टोकन की मांग को लेकर किसानों का भोपाल कूच, नर्मदापुरम में जोश के साथ आगे बढ़ा आंदोलन
नर्मदापुरम | मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने तथा किसानों की अन्य मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 13 सहयोगी किसान संगठनों के हजारों किसानों ने सोमवार को नर्मदापुरम से भोपाल कूच शुरू किया। मां नर्मदा का पूजन-अर्चन कर किसानों ने मुख्यमंत्री निवास तक पदयात्रा का संकल्प लिया। पूरे आंदोलन के दौरान किसानों में उत्साह और एकजुटता देखने को मिली।
मां नर्मदा का आशीर्वाद लेकर भोपाल के लिए रवाना हुए किसान
सुबह सेठानी घाट पर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना के बाद किसानों ने भोपाल कूच की शुरुआत की। हाथों में झंडे और बैनर लेकर किसान अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। किसान नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह किसानों के अधिकारों और हितों के लिए है तथा शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोकने के प्रयास के बीच आगे बढ़े आंदोलनकारी
प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग की थी, लेकिन किसान अपने निर्धारित कार्यक्रम पर अडिग रहे और आगे बढ़ते रहे। इस दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और किसानों के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसमें एक पुलिसकर्मी के हाथ में मामूली चोट लगने की जानकारी सामने आई। बाद में स्थिति सामान्य हो गई और आंदोलन आगे बढ़ता रहा।
किसानों ने दोहराईं प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करना, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करना तथा किसानों की अन्य लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है।
प्रशासन ने बनाए रखी सुरक्षा व्यवस्था
आंदोलन को देखते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस. थोटा सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
शांतिपूर्ण ढंग से रखी अपनी बात
आंदोलन के दौरान किसानों ने सेठानी घाट पर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया और अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से आवाज बुलंद की। किसान नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार तक किसानों की समस्याओं को पहुंचाना और उनका समाधान कराना है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि किसानों की मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। पूरे कूच के दौरान किसानों में उत्साह, अनुशासन और एकजुटता देखने को मिली।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड