बरियारपुर-जमुई मार्ग पर नया संकट, रेलवे ओवरब्रिज में आई दरार; डीएम ने दिए जांच के निर्देश
मुंगेर। बरियारपुर-जमुई एनएच-333 पर बरियारपुर रेलवे स्टेशन के समीप करीब एक दशक पहले चालू हुआ रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब चिंता का कारण बन गया है। आरओबी के एक हिस्से में दरार आने की सूचना के बाद सोमवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं से पुल की तकनीकी स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह आरओबी इस मार्ग पर यातायात के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। भागलपुर और सुल्तानगंज की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बना हुआ है। ऐसे में पुल में आई दरार को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। यदि तकनीकी जांच में पुल की स्थिति गंभीर पाई गई या दरार बढ़ने की आशंका सामने आई तो भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने की नौबत आ सकती है। इससे मुंगेर-जमुई मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
श्रावणी मेला के दौरान इस मार्ग पर कांवरिया वाहनों के साथ अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में आरओबी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
करीब दस वर्ष पहले चालू हुए आरओबी में दरार आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से तकनीकी जांच के बाद ही पुल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
डीएम ने अधिकारियों को तकनीकी विशेषज्ञों की जांच एवं अनुशंसा के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त हिस्से की शीघ्र मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया है। साथ ही पुल की सुरक्षा और आम लोगों के सुरक्षित आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
बरियारपुर-जमुई मार्ग पर नया संकट, रेलवे ओवरब्रिज में आई दरार; डीएम ने दिए जांच के निर्देश
मुंगेर। बरियारपुर-जमुई एनएच-333 पर बरियारपुर रेलवे स्टेशन के समीप करीब एक दशक पहले चालू हुआ रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब चिंता का कारण बन गया है। आरओबी के एक हिस्से में दरार आने की सूचना के बाद सोमवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं से पुल की तकनीकी स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह आरओबी इस मार्ग पर यातायात के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। भागलपुर और सुल्तानगंज की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बना हुआ है। ऐसे में पुल में आई दरार को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। यदि तकनीकी जांच में पुल की स्थिति गंभीर पाई गई या दरार बढ़ने की आशंका सामने आई तो भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने की नौबत आ सकती है। इससे मुंगेर-जमुई मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
श्रावणी मेला के दौरान इस मार्ग पर कांवरिया वाहनों के साथ अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में आरओबी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
करीब दस वर्ष पहले चालू हुए आरओबी में दरार आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से तकनीकी जांच के बाद ही पुल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
डीएम ने अधिकारियों को तकनीकी विशेषज्ञों की जांच एवं अनुशंसा के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त हिस्से की शीघ्र मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया है। साथ ही पुल की सुरक्षा और आम लोगों के सुरक्षित आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
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