*बरेली: कावड़ यात्रा के लिए हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रखी जाएगी निगरानी।
*बरेली: कांवड़ यात्रा के लिए हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रखी जाएगी निगरानी*
*बरेली।* कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए बरेली रेंज पुलिस ने व्यापक और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पहली बार बरेली पुलिस लाइन में एक एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है।
इस सेंटर से बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के कांवड़ मार्गों तथा प्रमुख शिविरों की गतिविधियों पर एक साथ निगरानी रखी जाएगी। यात्रा की लगातार निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से की जाएगी।
बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि चारों जिलों के पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख शिविरों पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मिशन शक्ति के स्टॉल, महिलाओं के लिए शौचालय और विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी की जाएगी। शिविरों में सेवा प्रदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों और सेवादारों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के कोई भी कांवड़ शिविर संचालित नहीं किया जा सकेगा। शिविरों और कांवड़ स्टैंड को मुख्य मार्ग से सुरक्षित दूरी पर स्थापित किया जाएगा, जिससे यातायात बाधित न हो और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो। प्रत्येक शिविर में अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित रसोई और आपातकालीन सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
पूरे कांवड़ मार्ग को 8 सुपर जोन, 26 जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 8 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। प्रमुख मंदिरों, घाटों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी तथा आईपी कैमरे लगाए जाएंगे। कछला घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ, पीएसी, गोताखोर, नाव और लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
यात्रा के दौरान सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए एक संयुक्त रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट निर्धारित की है और डीजे वाहनों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
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