94.47 लाख की पुलिया का निर्माण अधर में, गुणवत्ता पर सवाल; बाढ़ से पहले आवागमन ठप होने की आशंका
पूरेडलई (बाराबंकी)। पूरेडलई क्षेत्र के सरायदुनौली-करौनी मार्ग पर स्थित बडराई नाले पर बन रही नई पुलिया का निर्माण पिछले दस दिनों से ठप पड़ा है। इससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बरसात और संभावित बाढ़ से पहले निर्माण कार्य पूरा न होने पर दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
यह मार्ग तराई क्षेत्र के इटहुआ पश्चिम, गौरी का पुरवा, मल्लाहनपुरवा, गोबरहा, तेलवारी, छुरिया, बोधिकपुरवा, गेदरापुर, भैरुकोल सहित दर्जनों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण बाजार, अस्पताल, स्कूल तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बाढ़ के दौरान भी जलभराव की स्थिति में यही मार्ग सबसे अधिक उपयोगी साबित होता है।
ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने यहां 94 लाख 47 हजार रुपये की लागत से नई पुलिया निर्माण को स्वीकृति दी थी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई माह में पुरानी पुलिया को ध्वस्त कर नई पुलिया का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा और पुलिया के अधिकांश पिलर तैयार कर दिए गए, लेकिन पिछले दस दिनों से निर्माण पूरी तरह बंद पड़ा है।
ग्रामीणों में चर्चा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने के बाद काम रोका गया है। हालांकि विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण रामफेर, जगतपाल, चंदन निषाद और महेंद्र द्विवेदी का आरोप है कि भीषण गर्मी के दौरान कंक्रीट के पिलरों की आवश्यक तराई (क्योरिंग) नहीं कराई गई। साथ ही निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि लगभग दस दिन पहले विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद से निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
निर्माण कार्य ठप होने से अब बाढ़ से पहले पुलिया के पूरा होने की संभावना कम नजर आ रही है। आवागमन बनाए रखने के लिए पुलिया के किनारे अस्थायी कच्चा मार्ग बनाया गया है, लेकिन इससे नाले का पानी सुचारु रूप से नहीं निकल पा रहा है। बरसात का पानी आसपास के खेतों में भरने लगा है, जिससे किसानों की धान की रोपाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने और अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर बने रेगुलेटर से जल निकासी बंद होने के कारण जुलाई के अंत तक पुलिया के आसपास जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में अधूरी पुलिया के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप होने का खतरा है। इससे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा।
अवर अभियंता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि “निर्माण कार्य किस कारण से बंद है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।”
94.47 लाख की पुलिया का निर्माण अधर में, गुणवत्ता पर सवाल; बाढ़ से पहले आवागमन ठप होने की आशंका
पूरेडलई (बाराबंकी)। पूरेडलई क्षेत्र के सरायदुनौली-करौनी मार्ग पर स्थित बडराई नाले पर बन रही नई पुलिया का निर्माण पिछले दस दिनों से ठप पड़ा है। इससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बरसात और संभावित बाढ़ से पहले निर्माण कार्य पूरा न होने पर दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
यह मार्ग तराई क्षेत्र के इटहुआ पश्चिम, गौरी का पुरवा, मल्लाहनपुरवा, गोबरहा, तेलवारी, छुरिया, बोधिकपुरवा, गेदरापुर, भैरुकोल सहित दर्जनों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण बाजार, अस्पताल, स्कूल तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बाढ़ के दौरान भी जलभराव की स्थिति में यही मार्ग सबसे अधिक उपयोगी साबित होता है।
ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने यहां 94 लाख 47 हजार रुपये की लागत से नई पुलिया निर्माण को स्वीकृति दी थी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई माह में पुरानी पुलिया को ध्वस्त कर नई पुलिया का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा और पुलिया के अधिकांश पिलर तैयार कर दिए गए, लेकिन पिछले दस दिनों से निर्माण पूरी तरह बंद पड़ा है।
ग्रामीणों में चर्चा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने के बाद काम रोका गया है। हालांकि विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण रामफेर, जगतपाल, चंदन निषाद और महेंद्र द्विवेदी का आरोप है कि भीषण गर्मी के दौरान कंक्रीट के पिलरों की आवश्यक तराई (क्योरिंग) नहीं कराई गई। साथ ही निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि लगभग दस दिन पहले विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद से निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
निर्माण कार्य ठप होने से अब बाढ़ से पहले पुलिया के पूरा होने की संभावना कम नजर आ रही है। आवागमन बनाए रखने के लिए पुलिया के किनारे अस्थायी कच्चा मार्ग बनाया गया है, लेकिन इससे नाले का पानी सुचारु रूप से नहीं निकल पा रहा है। बरसात का पानी आसपास के खेतों में भरने लगा है, जिससे किसानों की धान की रोपाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने और अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर बने रेगुलेटर से जल निकासी बंद होने के कारण जुलाई के अंत तक पुलिया के आसपास जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में अधूरी पुलिया के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप होने का खतरा है। इससे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा।
अवर अभियंता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि “निर्माण कार्य किस कारण से बंद है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।”
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