हत्या के प्रयास के 8 फरार आरोपियों पर BNSS 84 के तहत कुर्की-मुनादी की कार्रवाई का आदेश
हत्या के प्रयास के 8 फरार आरोपियों पर BNSS 84 के तहत कुर्की-मुनादी की कार्रवाई का आदेश
बांसी। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थनगर ने थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र में दर्ज जानलेवा हमले और बलवे के एक संगीन मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने लंबे समय से फरार चल रहे आठ आरोपियों के खिलाफ ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS) की धारा 84 के तहत उद्घोषणा और संपत्ति कुर्की की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।थाना जोगिया उदयपुर में दर्ज मु०अ०सं० 190/2025 के अंतर्गत BNS की विभिन्न धाराओं—191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 351(3), 117(2) और 109(1) (हत्या का प्रयास व बलवा) के तहत मामला पंजीकृत है। यह प्राथमिकी बकुआंव गांव निवासी रमाकांत यादव पुत्र हरिराम यादव की तहरीर पर दर्ज की गई थी।क्राइम ब्रांच की विवेचना में सामने आया कि घटना के बाद से ही सभी आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हैं और अपनी चल-अचल संपत्ति बेचकर भागने की फिराक में हैं। आरोपी सभी ग्राम बकुआंव, थाना जोगिया उदयपुर के निवासी हैं।गौरी व बुधई (पुत्रगण ओरी)कमलेश, राकेश व सुरेन्द्र (पुत्रगण लालसा)श्यामू व रामू (पुत्रगण भगौती)उमेश (पुत्र गौरी)मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट धम्म कुमार सिद्धार्थ ने पाया कि पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद आरोपी न तो गिरफ्तार हो रहे हैं और न ही अदालत में आत्मसमर्पण कर रहे हैं। विवेचक के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने सभी 8 आरोपियों के खिलाफ BNSS की धारा 84 की कार्रवाई का आदेश जारी किया।
कोर्ट के कड़े आदेश के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के घरों पर धारा 84 का नोटिस चस्पा किया और गांव में डुग्गी पिटवाकर मुनादी कराई। इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अतिउल्लाह, एसआई मुस्तकीम अंसारी, अवध बिहारी यादव तथा कांस्टेबल अवनीश कुमार, राहुल और चंद्रशेखर यादव की टीम शामिल रही। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि आरोपी जल्द ही समर्पण नहीं करते हैं, तो अगली प्रक्रिया के तहत उनकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाएगा।
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