ब्रांडेड बोतलों में ‘मौत’ परोसने वाले मास्टरमाइंड सहित दो गए जेल
आबकारी विभाग की कार्यवाही
क्या आप भी किसी से संपर्क कर घर बैठे महंगी और ब्रांडेड शराब मंगा रहे हैं? सावधान हो जाइए! हो सकता है कि उस चमकदार विदेशी बोतल में आपके लिए ‘मौत’ पैक करके भेजी जा रही हो।
सतना में एक ऐसे ही खौफनाक और शातिर सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जो विदेशी मदिरा (मंकी शोल्डर और रेड लेबल) की खाली बोतलों में सस्ता और जहरीला केमिकल भरकर लोगों की जान से खेल रहा था। कलेक्टर महोदय श्री सतीश कुमार एस, आबकारी उपायुक्त सम्भागीय उड़नदस्ता रीवा माधव सिंह भेड़िया एवं आबकारी सहायक आयुक्त सुरेन्द्र कुमार उरांव, सतना के कड़े निर्देशों पर उप निरीक्षक आशीष वाटिया के आबकारी वृत्त सतना क्र. 01 की टीम ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर इस ‘मौत के व्यापार’ को ध्वस्त कर दिया है।
फिल्मी था काम करने का तरीका (High-Tech Modus Operandi)
इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड जितेन्द्र कुमार साह उर्फ रवि (38 वर्ष, निवासी घूरडांग) किसी सफेदपोश अपराधी की तरह काम करता था। वह कभी खुद सामने नहीं आता था। केवल मोबाइल पर ऑर्डर लेता और पुलिस/आबकारी की नजरों से बचने के लिए अपने एजेंटों के जरिए एक बार में सिर्फ एक या दो बोतल ही ग्राहकों तक पहुंचाता था। उसका मकसद साफ था—पकड़े जाने पर भारी मात्रा का केस न बने और वह कानून की खामियों का फायदा उठाकर बच निकले।
ऐसे बिछाया गया मौत के सौदागरों के लिए जाल (The Decoy Trap)
मुखबिरों से इस खतरनाक खेल की भनक लगते ही आबकारी उप निरीक्षक आशीष वारिया ने एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक ‘डिकॉय ऑपरेशन’ (Sting Operation) की योजना बनाई। आबकारी टीम ने एक आम ग्राहक बनकर डिलीवरी एजेंट को 14 सितंबर की रात सिमारिया चौक, हैदराबादी बिरयानी सेंटर के पास बुलाया।
जैसे ही डिलीवरी एजेंट सुनील कुशवाहा (23 वर्ष) ने ‘मंकी शोल्डर’ की बोतल सौंपी, सादे कपड़ों में उप निरीक्षक संजय साकेत और पहले से घेराबंदी किए खड़ी आबकारी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
बोतल में शराब नहीं, तैर रहा था ‘जहर’
जब आबकारी टीम ने जप्त बोतल को खोलकर देखा, तो मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था। जिस शराब को लोग हजारों रुपये देकर शौक से पीते हैं, उसमें संदिग्ध सूक्ष्म कण और तेलीय तत्व तैर रहे थे। उसकी तीक्ष्ण गंध बता रही थी कि यह इंसानी शरीर के लिए कितना घातक (Unfit for human consumption) है। यदि यह खेप बाजार में खप जाती, तो सतना में एक बड़ी जनहानि (Hooch Tragedy) से इनकार नहीं किया जा सकता था।
देर रात मास्टरमाइंड के अड्डे पर दबिश
एजेंट सुनील के पकड़े जाते ही टीम ने बिना एक पल गंवाए देर रात मास्टरमाइंड जितेन्द्र उर्फ रवि के घर पर दबिश दी। पुलिस की भनक लगते ही शातिर रवि ने अपना असली स्मार्टफोन और भारी मात्रा में रखी नकली शराब ठिकाने लगा दी थी, लेकिन वह आबकारी टीम की गिरफ्त से बच नहीं सका।
गैर-जमानती धाराओं में गए जेल
आबकारी विभाग ने इस गंभीर मामले में म.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के साथ-साथ अत्यंत सख्त एवं गैर-जमानती धारा 49(क) (अपमिश्रित मदिरा) के तहत प्रकरण (अपराध क्र. 374/26) पंजीबद्ध किया है। आज दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनके खौफनाक मंसूबों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सीधे जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया है। जप्त ‘जहर’ को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जा रहा है।
*इनकी रही सक्रिय भूमिका*
इस कार्यवाही में आबकारी उप निरीक्षक आशीष वाटिया के नेतृत्व में आबकारी उप निरीक्षक निलेश गुप्ता संजय साकेत, मुख्य आरक्षक राजकरण त्रिपाठी मंगलदीन कोल, शंकर दयाल प्रजापति,आरक्षक आशुतोष तिवारी, अमृता उरमलिया एवं अन्य स्टाफ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लोगों की जान से खेलने वाले ऐसे किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
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