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मीरा बाबा की महिमा को अद्वितीय बताया गया है, जिनकी मान्यता हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों के अनुयायियों में है। यह संदेश दिया गया है कि हिंदू में राम और मुस्लिम में रहीम, खुदा एक ही हैं। इन्हें ’52 रूपी खिलाड़ी सरकार’ के रूप में वर्णित किया गया है, जिनके कब्ज़े में जिन्नात रहते हैं।
लेखों में समय-समय पर मीरा बाबा की अदृश्य शक्तियों से मानव को आश्चर्यचकित करने का जिक्र है, जिनकी सच्चाई सिर्फ इनके सच्चे भक्त जानते हैं। पिछले 700 वर्षों से वे अपनी अजब शक्तियाँ दिखा रहे हैं। मुस्लिम में इनकी नियाज़ लगाई जाती है और हिंदुओं में यह पूजा बताई जाती है। इनके मुख्य स्थानों में अजमेर शरीफ के ऊपर तारागढ़, अमरोहा धाम, जिला जलेसर, जिला अलीगढ़ का गाँव खेरा अतरोली, गढ़रेती (जिसे मीरा की रेती भी कहते हैं), और अमरोहा में सददो का मुहल्ला शामिल हैं। बाबा के श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
मीरा बाबा के भक्तों को अषाढ़ के दिनों में पूजा या नियाज़ लगाने की विधि विस्तार से बताई गई है। इसके तहत सवा किलो आटे के पूए बनाने होते हैं: नहा-धोकर, पवित्र होकर एक किलो आटे में 300 ग्राम गुड़ मिलाकर तेल या घी में अपनी इच्छानुसार पूए बनाएँ। इसके बाद 250 ग्राम चावल उबालकर, दो कोरी मिट्टी के सेनकों में चावल लेकर उस पर बूरा, फिर एक-एक चम्मच दही और देसी घी डालें। दोनों सेनकों पर एक-एक बूँदी का लड्डू रखें, जिसमें लौंग का जोड़ा लगा हो। पूजा सामग्री में 50 ग्राम दही, 50 ग्राम बूरा, 100 ग्राम देसी घी, 100 ग्राम सरसों का तेल, दो बूँदी के लड्डू, पाँच किस्म की मिठाई और लौंग भी शामिल हैं। यह भी बताया गया है कि मामा भांजा दोनों सरकार एक ही हैं और दोनों की पूजा समान होती है; मीरा जैनका और घर के सभी बुजुर्ग पित्तरों की फातिहा लगाई जाती है।
पूजा में मीठे पूए, जलेबी या पाँच तरह की मिठाई एक थाली में लेकर अगरबत्ती सुलगाएँ और एक गिलास पानी के साथ बाबा के समक्ष दुआ करें। यह दुआ घर के सभी बुजुर्गों, पीरों और औलिया के हक में, और अल्लाह को प्यारे हो चुके लोगों के लिए भी माँगी जाती है। यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया गया है कि सरकार-ए-आजम की कृपा से आपकी मुरादें जल्द पूरी होंगी और हज़रत मीरा साहिब, मामा भांजे साहिब आपकी माँगें पूरी करेंगे। अधिक जानकारी के लिए राम भैया भगत जी और सोनी दीदी भगत जी से गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में 08527233646 पर संपर्क किया जा सकता है।
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