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गोरखपुर में 70 वर्षीय सर्राफा कारोबारी रामलाल वर्मा की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी 10वीं कक्षा का छात्र प्रिंस पांडेय है, जिसने अपने ममेरे भाई अंशु दुबे, मौसेरे भाई दिव्यांश पांडेय और एक अन्य किशोर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह एक लाख रुपये का उधार था, जो आरोपी प्रिंस ने करीब एक वर्ष पहले बाइक खरीदने के लिए कारोबारी से लिया था और उसे वापस नहीं करना चाहता था।
घटना वाले दिन, बांसगांव क्षेत्र के धरका भटार निवासी और कटरा मलांव में सोने-चांदी की दुकान चलाने वाले रामलाल वर्मा बुधवार सुबह करीब 9 बजे दुकान के लिए निकले थे। करीब 10 बजे कसिहार ऑटो स्टैंड पर प्रिंस पांडेय ने उन्हें अपनी बाइक पर बैठाया और रास्ते में उसका ममेरा भाई अंशु भी बाइक पर बैठ गया। मंदिर दर्शन कराने के बहाने आरोपी उन्हें कसिहार बंधे के पास ले गए, जहाँ पहले से दिव्यांश और एक किशोर मौजूद थे। वहाँ पहुँचते ही अंशु ने कारोबारी के दोनों हाथ पीछे से पकड़ लिए और प्रिंस ने चाकू निकालकर रामलाल वर्मा की गर्दन पर ताबड़तोड़ छह वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने शव को करीब 500 मीटर घसीटकर राप्ती नदी में फेंक दिया।
बुधवार शाम करीब 5 बजे ग्रामीणों की नजर नदी में पड़े शव पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए। मृतक के बेटे संजय वर्मा की तहरीर पर लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस और एसओजी की टीम ने कोड़ीराम से कसिहार तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके सुराग पर गुरुवार रात प्रिंस पांडेय, अंशु दुबे और एक किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक, मृतक की सोने की चेन, अंगूठी, लॉकेट, ₹6,595 नकद, पेन और आधार कार्ड बरामद कर लिया है, जबकि फरार आरोपी दिव्यांश पांडेय की तलाश जारी है।
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