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प्रयागराज के एक विद्यालय में विद्यार्थियों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक तनाव, अवसाद और गलत संगति से बचने में परिवार, विद्यालय और समाज की अहम भूमिका होती है। छात्र-छात्राओं ने भी इस अवसर पर सक्रिय रूप से भाग लिया और एक स्वस्थ जीवन तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच अपनाने और किसी भी समस्या की स्थिति में अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद करने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने ऐसी जागरूकता गतिविधियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया, जो केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती हैं। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया। अभिभावकों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से कहा कि नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों से जुड़ी ऐसी शिक्षा समय की मांग है, और यदि ऐसे कार्यक्रम प्रत्येक विद्यालय में नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो यह आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देने के साथ एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में सहायक होगा।
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