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जशपुर जिले के धर्मनगरी कोतबा में जल संसाधन विभाग और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण प्रमुख आस्था केंद्र सतीघाट शिवधाम जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले एक साल से कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका है। बरसात की शुरुआत के साथ ही सड़क पर घुटनों तक पानी और कीचड़ भर गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है और पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। जल्द ही पवित्र सावन का महीना शुरू होने वाला है, जिसमें जिले समेत पूरे राज्य से हजारों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आते हैं, लेकिन सड़क की इस बदहाली से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
विदित हो कि पिछले वर्ष सतीघाट में स्टॉप डैम निर्माण के दौरान ठेकेदार ने पुरानी सीसी रोड को क्षतिग्रस्त कर दिया था। मीडिया में खबरें आने पर विभाग और ठेकेदार ने जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था, पर एक साल बाद भी जमीनी हकीकत नहीं बदली। मंदिर समिति के सदस्य व श्रद्धालु बसंत कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन दर्शन के लिए जाने के दौरान गाड़ी चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। अगर सावन से पहले यह सड़क नहीं बनी तो हजारों भक्तों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ेगी। स्थानीय नगरवासियों में इस कुंभकर्णी नींद को लेकर गहरा आक्रोश है।
मामले पर नगर पंचायत कोतबा के सीएमओ टी.आर. यादव ने कहा कि जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग से वार्ता कर सड़क निर्माण की बात कही गई है और फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, जल संसाधन विभाग पत्थलगांव के एसडीओ नरेंद्र सिंहा ने कहा कि उस दौरान विभाग के ई साहब का जाना हुआ था और वे उनसे बात करके ही इस संबंध में कुछ बता सकेंगे।
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