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नूंह मेवात के लियाकत अली में राजकीय शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज में एक बच्चे के संक्रमित पैर की जगह ठीक पैर का ऑपरेशन करने का मामला सुर्खियां बटोर रहा है। यह गंभीर लापरवाही सोमवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाई गई। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस मामले में शिकायत मिलते ही उचित ठोस कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
स्थानीय विधायक आफताब अहमद ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने बच्चे के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। नूंह जिला मुख्यालय पर आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में इस मामले को लेकर सवाल उठाए गए। बैठक के दौरान मीडिया द्वारा इस मामले पर सवाल किए जाने पर जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष एवं हरियाणा सरकार के मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में कोई शिकायत या तथ्य उनके समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री विपुल गोयल ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नूंह में स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई कमी नहीं है और पीएचसी, सीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जाता है। यदि किसी अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अतिरिक्त सुविधाओं या संसाधनों की आवश्यकता है तो इस संबंध में मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वहीं बैठक में मौजूद नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने मेडिकल कॉलेज में बच्चे के गलत ऑपरेशन के मामले को गंभीर लापरवाही बताते हुए सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेवाती मेडिकल कॉलेज उनकी सरकार के समय क्षेत्र को मिली एक बड़ी सौगात थी, लेकिन वर्तमान में यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है। उनका आरोप था कि एक बच्चे का गलत ऑपरेशन होना केवल किसी एक चिकित्सक की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। आफताब अहमद ने कहा कि इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज में विभिन्न प्रकार की लापरवाहियों और अव्यवस्थाओं के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को रेफर किए जाने, दवाइयों की कमी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें लगातार मिलती रही हैं।
विधायक ने मांग की कि बच्चे के गलत ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों और संबंधित मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि यह बच्चे के भविष्य और पूरी जिंदगी से जुड़ा मामला है। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले कठोर कदम उठाए जाएं। आफताब अहमद ने कहा कि मेडिकल कॉलेज पर हजारों करोड़ रुपये की लागत खर्च होने के बावजूद उसका रखरखाव और प्रबंधन संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सरकार से मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रभावी समाधान करने की मांग की। फिलहाल मंत्री विपुल गोयल ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है, जबकि विपक्ष ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर चूक बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की मांग उठाई है।
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