खबर मैहर/अमरपाटन
अस्पताल में डॉक्टरों के एप्रन और आई-कार्ड नहीं पहनने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में जल्द लिखित आदेश जारी
एनएचआरसी स्पेशल मॉनिटर ने मैहर में व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को लगाई फटकार
मैहर, 26 अगस्त। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल ने अपने दो दिवसीय मैहर दौरे के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र और सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 3-2 की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष जताया, वहीं सिविल अस्पताल में गंदगी, डॉक्टरों के एप्रन व आई-कार्ड नहीं पहनने और शिकायत पेटी की बदहाल स्थिति को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
स्पेशल मॉनिटर गोयल ने आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 3-2 पहुंचकर बच्चों के साथ भोजन किया और उन्हें दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता परखी। उन्होंने बच्चों को मिलने वाले अनाज के पैकेट का वजन भी जांचा। पैकेट का वजन निर्धारित मानक से कम मिलने पर उन्होंने डीपीओ राजेंद्र बागड़े को कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोषण आहार की गुणवत्ता और निर्धारित मीनू के अनुसार वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके बाद गोयल ने सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण किया। अस्पताल के विभिन्न वार्डों और पोस्टमार्टम रूम के सामने गंदगी देखकर उन्होंने अस्पताल प्रभारी डॉ. आर.एन. पांडे के प्रति नाराजगी जाहिर की और साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान शिकायत पेटी खोली गई तो उसमें शिकायत पत्र के स्थान पर गुटखे का खाली पाउच मिलने पर स्पेशल मॉनिटर ने गहरी नाराजगी जताई और शिकायत निवारण व्यवस्था को गंभीरता से संचालित करने के निर्देश दिए।
अस्पताल में डॉक्टरों के एप्रन और आई-कार्ड नहीं पहनने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में जल्द लिखित आदेश जारी कर सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से नियमों का पालन कराने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान उचित व्यवहार नहीं करने पर डॉ. सुदीप अवधिया को भी स्पेशल मॉनिटर ने सख्त चेतावनी दी।
मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए उन्होंने वार्डों में प्रति मरीज केवल एक तीमारदार को रुकने देने के निर्देश दिए। साथ ही जच्चा-बच्चा वार्ड की स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत करने को कहा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छता, अनुशासन और शिकायत निवारण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
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