🚨दस लाख के इनामी नक्सली सालूका ने डाले हथियार, कोल्हान-सारंडा का जंगल हुआ नक्सल मुक्त; अब एक करोड़ के इनामी असीम मंडल पर बढ़ेगा दबाव
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम में माओवाद के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नवजीवन-III को बड़ी सफलता मिली है। 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य सोनुवा के कूदाबुरु निवासी सालुका कायम समेत तीन महिला माओवादियों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। पुलिस के अनुसार, इस आत्मसमर्पण के बाद कोल्हान, सारंडा और पोड़ाहाट के जंगल नक्सल मुक्त हो गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में सोनुवा के कूदाबुरु निवासी सालुका कायम, गोइलकेरा के ईचागोडा निवासी पिंकी पूर्ति, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंजदबेड़ा निवासी अनीता तामसोय और टोंटो के रंगड़ाहातू निवासी कोदोमुनी कोड़ा शामिल हैं।
चारों ने पुलिस को एक AK-47, एक इंसास राइफल, दो वायरलेस सेट, सात मैगजीन और कुल 2,276 राउंड कारतूस सौंपे।
कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम में लगातार चलाए गए अभियान से माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। अब कोल्हान प्रमंडल में सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम के कुछ इलाकों में सक्रिय एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल और उसके पांच-छह सदस्यों के दस्ते पर दबाव बढ़ाया जाएगा।
डीआईजी ने असीम मंडल और उसके दस्ते से भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण नहीं करने पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने या मुठभेड़ में कार्रवाई करने के लिए अभियान जारी रखेगी।
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