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प्रधानमंत्री आवास योजना की नई पात्रता सूची जारी होने के बाद कई जिलों में यह बड़ा सवाल उठा है कि सर्वे होने के बावजूद लोगों के नाम सूची से कैसे गायब हो गए। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी सैकड़ों ग्रामीण इसी मुद्दे पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, जहां जिला प्रशासन ने नाम हटने का कारण सिस्टम-स्तरीय जांच और ‘एआई सिस्टम’ से जुड़ी प्रक्रिया को बताया है।
जिले की कई ग्राम पंचायतों के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आरोप लगा रहे हैं कि उनका सर्वे तो हुआ था, लेकिन अंतिम सूची में उनके नाम शामिल नहीं किए गए। इस स्थिति के बीच, जिला सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के बाद हुई जांच में कुछ नाम सिस्टम स्तर पर हटा दिए गए हैं।
यह मामला केवल तीन ग्राम पंचायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यदि वास्तव में पात्र परिवार सूची से बाहर रह गए हैं, तो यह हजारों गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं: आखिर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में क्यों नहीं है, इसे कैसे सुधारा जाएगा, और क्या दोबारा जांच की जाएगी? ग्रामीणों की यह भी मांग है कि छूटे हुए पात्र परिवारों की दोबारा जांच हो, और जिन लोगों का सर्वे हुआ था, उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिले। इसके साथ ही, प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह पारदर्शी तरीके से यह बताए कि किस आधार पर नाम जोड़े गए और किस आधार पर हटाए गए, ताकि व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
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