हजारीबाग में मुस्लिम समाजसेवी ने नाले में गिरी गर्भवती गाय की बचाई जान
देर रात रेस्क्यू अभियान में जुटे लोग, जेसीबी और रस्सी की मदद से कई घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाली गई गाय
हजारीबाग | शहर में इंसानियत और समाजसेवा की एक मिसाल देखने को मिली। देर रात करीब 11 बजे पशु चिकित्सालय के पास एक नाले में गर्भवती गाय के गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही समाजसेवी, शांति समिति सदस्य और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी फहीम उद्दीन अहमद उर्फ संजर मलिक मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर गाय को बचाने का प्रयास शुरू किया।
बताया गया कि यह गाय किशोरी पासवान की थी और पिछले कुछ दिनों से गायब थी। नाले पर स्लैब नहीं होने के कारण गाय अंधेरे में नाले में गिर गई थी। नाला अंदर से सुरंग की तरह बना हुआ था और गाय करीब 600 मीटर दूर पेट्रोल पंप की ओर पहुंच गई थी।
गाय को नाले से बाहर निकालने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सबसे पहले जेसीबी की मदद से नाले का स्लैब हटाया गया। नाला पानी और गंदगी से भरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान काफी मुश्किल था। इसके बाद पटरे और रस्सी की मदद से सावधानीपूर्वक गाय को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
कई घंटों की मेहनत के बाद लोगों को सफलता मिली और गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गाय के बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने इस रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों की सराहना की।
इस मौके पर संजर मलिक ने कहा कि इंसानियत का मतलब है कि जो भी मुसीबत में हो, उसकी पूरी निष्ठा से मदद की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों ने मिलकर जिस तरह गाय की जान बचाई, वह समाज के लिए एक अच्छा संदेश है।
नाले पर जल्द लगाए जाएं स्लैब
संजर मलिक ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और संबंधित विभाग से मांग की कि जिन नालों पर स्लैब नहीं हैं, वहां जल्द से जल्द स्लैब लगाए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष करोड़ों रुपये की लागत से सफाई कार्य कराए गए थे, लेकिन कई जगह काम सही तरीके से नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ग्रांड पैलेस के पास एक अपार्टमेंट के सामने भी स्लैब नहीं होने के कारण एक बुजुर्ग महिला नाले में गिरकर घायल हो गई थीं। उस समय भी स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया था।
संजर मलिक ने प्रशासन से अपील की कि शहर के सभी खुले और खतरनाक नालों की जांच कराकर जल्द सफाई कराई जाए और जहां स्लैब नहीं हैं, वहां स्लैब लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति या पशु के साथ बड़ा हादसा न हो।
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