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झारखंड के हजारीबाग जिला स्थित केरेडारी प्रखंड के +2 हाई स्कूल केरेडारी में बिना परीक्षा दिए पैसे लेकर बच्चों को पास करने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के नाम पर अवैध वसूली का मामला उजागर हुआ है। इस पूरे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश विद्यालय के लिपिक जयदेव और एक छात्र के बीच बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुआ, जिसने विद्यालय के लचर प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है।
वायरल ऑडियो में जब छात्र टीसी की मांग करता है तो लिपिक जयदेव प्रैक्टिकल परीक्षा न देने की बात कहकर ‘चढ़ावा’ चढ़ाने को कहता है। लिपिक का दावा है कि उसने दूसरे बच्चे से छात्र का पेपर भरवाया है और टीसी के लिए 500 रुपये देने होंगे। छात्र द्वारा यह कहे जाने पर कि नामांकन के समय भी पैसे दिए गए थे, लिपिक आवेदन के साथ अभी 200 रुपये देने और घर से टीसी भरकर लाने के बाद बाकी 300 रुपये देकर पेपर ले जाने की बात कहता है। इस घटना के बाद नाम न छापने की शर्त पर अन्य छात्रों ने भी नामांकन व परीक्षा फॉर्म के नाम पर पैसे लिए जाने की शिकायत की है और हजारीबाग उपायुक्त से विद्यालय प्रबंधन व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मामले में लिपिक जयदेव ने आरोपों को निराधार बताते हुए वायरल ऑडियो में अपनी आवाज होने से इनकार किया है और कहा कि टीसी देना अकेले उनका काम नहीं है। दूसरी ओर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेंद्र राम ने स्वीकार किया कि उन्होंने ऑडियो सुना है और जयदेव का इस तरह बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि बिना परीक्षा दिए बच्चों को पास कैसे किया गया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और प्रैक्टिकल परीक्षा लेना संबंधित शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
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