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वैभव हत्याकांड का खुलासा: कर्ज में डूबे आरोपी ने फिरौती के लिए किया अपहरण, CCTV और टेक्निकल टीम से पकड़ा गया, भेजा जेल
वैभव हत्याकांड का खुलासा: कर्ज में डूबे आरोपी ने फिरौती के लिए किया अपहरण, CCTV और टेक्निकल टीम से पकड़ा गया, भेजा जेल
गोरखपुर, खजनी।
खजनी क्षेत्र में 27 जुलाई को स्कूल से घर लौटते समय लापता हुए 10 वर्षीय वैभव वर्मा की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में मृतक के पड़ोसी सर्वेश कुमार भट्ट उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि कर्ज में डूबे आरोपी ने फिरौती वसूलने के लिए सर्राफा कारोबारी के बेटे का अपहरण किया था। पहचान उजागर होने के डर से उसने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी और शव घर के बेसमेंट में छिपा दिया।
CCTV और टेक्निकल टीम से खुला राज –
चौथी कक्षा का छात्र वैभव 27 जुलाई की शाम स्कूल से आने के बाद साइकिल लेकर खेलने निकला था। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और चप्पल सड़क पर मिलने से परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर खजनी पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर 5 टीमें गठित कीं।
जांच में सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और टेक्निकल एक्सपर्ट की मदद ली गई। फुटेज और कॉल डिटेल खंगालने पर शक के दायरे में पड़ोसी सर्वेश कुमार भट्ट आया। पुलिस की गहन पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
AI और वर्चुअल नंबर से रची थी फिरौती की साजिश –
पूछताछ में सर्वेश ने बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा था। फिरौती मांगने के लिए उसने इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली। पहचान छिपाने के लिए उसने कंबोडिया का वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा और एक नया बैंक खाता भी खुलवाया।
आरोपी ने वैभव को गिफ्ट देने का लालच देकर अपने साथ ले गया। रास्ते में जब बच्चे ने विरोध किया और शोर मचाया तो आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को बोरे में भरकर अपने घर के बेसमेंट में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बेसमेंट से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पहले भी धोखाधड़ी में जा चुका है जेल –
जांच में यह भी पता चला कि सर्वेश वर्ष 2022 में प्रयागराज में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में जेल जा चुका है। उस पर भादवि की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज है। आरोपी की शादी करीब एक साल पहले हुई थी।
अंतिम संस्कार अयोध्या में हुआ –
पोस्टमार्टम के बाद वैभव का अंतिम संस्कार अयोध्या में किया गया। मुखाग्नि बड़े भाई आकाश वर्मा ने दी। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर आक्रोश है।
क्या है मुकदमा –
खजनी थाने में आरोपी के खिलाफ केस संख्या 239/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238, 140(1), 61(2) में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस टीम –
इस कार्रवाई में खजनी थाने के एसएसआई बिपिन कुमार सिंह, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जयन्त कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल चौधरी, कांस्टेबल इन्द्रजीत यादव, अरविंद यादव और संस्कार यादव की टीम शामिल रही।
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शॉर्ट वर्जन: –
गोरखपुर:
वैभव हत्याकांड सुलझा, पड़ोसी निकला आरोपी
कर्ज में डूबे सर्वेश भट्ट ने फिरौती के लिए 10 साल के वैभव का अपहरण किया। AI और कंबोडिया के वर्चुअल नंबर से प्लानिंग की। हत्या कर शव बेसमेंट में छिपाया। CCTV और टेक्निकल टीम की मदद से पकड़ा गया, भेजा जेल।
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