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अंबिकापुर शहर के दयानिधि अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप त्रिपाठी पर आयुष्मान भारत योजना के नाम पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के अनुसार, आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए पात्र होने के बावजूद मरीजों से नगद राशि वसूली जा रही है। यह भी दावा किया गया है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह नगद राशि उनके निजी बैंक खातों में जमा कराई जा रही है।
इस मामले में यह सवाल भी उठाया गया है कि लगभग 11 स्तरीय अस्पताल को पिछले तीन वर्षों में आयुष्मान योजना के तहत करीब 7 करोड़ रुपये का भुगतान कैसे हुआ। इसके अतिरिक्त, डॉ. संदीप त्रिपाठी पर यह भी आरोप है कि वे शासकीय अवकाश पर होने के बावजूद अपने निजी अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन हो सकता है। आरोप लगाने वाले पक्ष ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण से जुड़ा एक स्टिंग वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर अस्पताल की कार्यप्रणाली और नगद लेन-देन से जुड़े कुछ दृश्य दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दिव्येश पाण्डेय नामक एक स्वतंत्र नागरिक ने सवाल उठाया है कि क्या आयुष्मान योजना के नाम पर गरीब मरीजों से वसूली की जा रही है और क्या स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा।
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