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अरवल जिले के प्रसिद्ध मोथा सूर्य मंदिर में एक प्रेमी युगल ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह रचाया, जहाँ सैकड़ों ग्रामीण बाराती बनकर इस शादी के साक्षी बने। यह मंदिर आजकल प्रेमी जोड़ों के लिए विवाह मंडप के रूप में खासा लोकप्रिय होता जा रहा है और इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई है।
इस विवाह में गया जिले के अलीपुर थाना क्षेत्र के मीराबीघा गांव निवासी पुण्यदेव पासवान के 22 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार पासवान और गया जिले के ही बराचट्टी थाना के भेलवा गांव निवासी ममता कुमारी शामिल थे। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। परिजनों की नाराजगी और आपस में मिलने-जुलने में आ रही परेशानियों के चलते दोनों ने घर से भागकर शादी करने का निर्णय लिया।
मंदिर प्रशासन की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। युवक-युवती ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, जिसके बाद युवक ने युवती की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाया। इस मौके पर युवक के माता-पिता भी मंदिर में मौजूद थे और उन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। वहीं, युवती के परिजन इस विवाह के पक्ष में नहीं थे और उन्होंने शादी से इनकार कर दिया था।
शादी के बाद रोहित कुमार पासवान ने कहा कि आज के समय में लोग दहेज के लिए वर्षों तक शादी नहीं करते, लेकिन उन्हें दहेज की कोई चाहत नहीं है। उन्होंने महज ₹2 के सिंदूर से अपने जीवनसाथी को अपनाया है और उनके लिए प्यार व विश्वास ही सबसे बड़ा धन है। इस विवाह में शिव चर्चा में शामिल महिलाओं ने भी बाराती बनकर उत्साह से हिस्सा लिया और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। यह शादी फिलहाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
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