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अनूपपुर जिले के अनूपपुर और जैतहरी क्षेत्रों में चार हाथियों का समूह एक सप्ताह से अधिक समय से आतंक मचा रहा है। ये हाथी दिन में जंगलों में रुकने के बाद देर शाम और रात होते ही ग्रामीण इलाकों में घुस जाते हैं, घरों को तोड़ते हैं और खेतों व बाड़ियों में लगी फसलों-सब्जियों को अपना आहार बना लेते हैं। यह समूह तीन और एक हाथी के रूप में अलग-अलग होकर विचरण कर रहा है, जिसमें से एक हाथी शुक्रवार और शनिवार की रात जैतहरी के चोलना इलाके से छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र के चुस्कियां बीट के जंगल में चला गया है, जबकि तीन हाथियों का समूह अभी भी अनूपपुर क्षेत्र में सक्रिय है।
2 जुलाई को तीन हाथियों के समूह ने अनूपपुर जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर खांडा और भोलगढ़ के मध्य जंगल में दिन बिताया। रात होते ही वे जंगल से निकलकर खांडा गांव में बांध के पास खेत में घर बनाकर रह रहे मोहन सिंह के घर को आठवीं बार चार अलग-अलग स्थानों से तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया और घर के अंदर रखे चावल व अन्य सामान खा गए। इसके बाद उन्होंने खांडा बांध के पास साहेब सिंह की रसोई और गौशाला की दीवार तोड़कर नुकसान पहुँचाया। शुक्रवार की सुबह वे फिर से खांडा और भोलगढ़ के मध्य स्थित जंगल में लौट आए। शुक्रवार की दोपहर में ये तीनों हाथी जंगल से निकलकर भोलगढ़ गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर भोलगढ़ और मैरटोला से सोन नदी पार करते हुए जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत हर्री के भगतबांध गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने भगवानदास राठौर, जगत नारायण राठौर, रमेश राठौर, नेमसाय राठौर और अन्य लोगों के खेतों व बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों को खाकर नष्ट कर दिया। शनिवार की सुबह वे एक बार फिर सोन नदी और राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर भोलगढ़ गांव व वन बीट के जंगल में पहुँचकर आराम कर रहे थे और शाम व रात होने का इंतजार कर रहे थे।
वहीं, एक अकेला बड़ा नर हाथी जो एक सप्ताह से अपने तीन साथी हाथियों से अलग होकर घूम रहा था, उसने 2 जुलाई को धनगवां बीट के आमापानी के जंगल में दिन बिताया। शाम और रात होते ही यह हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव अंतर्गत भलुवान टोला और पदमनियाटोला निवासी सीताराम राठौर के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और खेतों व बाड़ी में लगे तथा रखे फसलों व अनाज को खाकर फैला दिया। इसके अतिरिक्त, उसने अन्य लोगों के खेतों में भी नुकसान पहुँचाया। शुक्रवार की सुबह चोलना और धनगवां बीट के जंगल में दिन बिताने के बाद, शाम/रात होते ही वह जंगल से निकलकर ग्राम पंचायत पड़रिया के भलुवान टोला में विक्रम, राजू राठौर, मोरध्वज सिंह, बाबूलाल सिंह, मुन्नी बाई भरिया और भूप सिंह के घरों में तोड़फोड़ की। उसने सुखू सिंह, धीरसाय सिंह, बाल सिंह, मिठाई लाल सिंह और रमेश नापित के खेत व वांडियों में लगे अनाज व विभिन्न प्रकार की फसलों को भी खाया। यह हाथी धनगवां, कुसुमहाई, कुकुरगोड़ा, बचहा और चोलना पंचायतों की सीमा से होते हुए शनिवार की सुबह गूजरनाला पार कर छत्तीसगढ़ राज्य के सिवनी वन बीट अंतर्गत मालाडांड, पथर्री, पडरी, चरचेडी से घुसरिया होकर शनिवार की सुबह से घुसरिया बीट के जंगल में पहुँचकर दिन के समय विश्राम कर रहा था।
हाथियों के लगातार विचरण करने और रात-रात भर ग्रामीण जनों की संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने से ग्रामीण परेशान और भयभीत हैं। वन विभाग का अमला हाथियों की गतिविधियों पर अलग-अलग स्थानों पर लगातार निगरानी रख रहा है। जैतहरी और अनूपपुर क्षेत्र के ग्रामीण, जिनकी संपत्तियों को हाथियों के समूह द्वारा पहले भी कई बार नुकसान पहुँचाया जा चुका है, अब तक राजस्व विभाग से आर्थिक सहायता न मिलने के कारण नाराज हैं और वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों से उत्तेजित ढंग से बातचीत करते देखे गए। संक्षेप में, तीन हाथी खांडा और भगतबांध में उत्पात मचा रहे हैं, वहीं अकेले हाथी ने पड़रिया, धनगवां, कुसुमहाई और कुकुरगोड़ा में हंगामा किया और शनिवार को छत्तीसगढ़ के जंगल में पहुँच गया।
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