स्लग.शाहपुर और बड़हरा प्रखंड में कटाव शुरू हो गया है। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से आरा सदर, बड़हरा व शाहपुर प्रखंड के तटवर्ती गांवों के लोगों की बढ़ी चिंता,
आरा से संजय श्रीवास्तव
स्लग.शाहपुर और बड़हरा प्रखंड में कटाव शुरू हो गया है। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से आरा सदर, बड़हरा व शाहपुर प्रखंड के तटवर्ती गांवों के लोगों की बढ़ी चिंता, पिपरपाती गाँव के चार मकान गंगा की गोद में समाय
एंकर। जिस तरह से लगातार गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है उसके कारण बड़हरा व शाहपुर प्रखंड के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिपरपाती गाँव के चार मकान गंगा की गोद में चले गए हैं । अभी भी कटाव जारी है। यहां के लोग अपने घर से सामान को दूसरे जगह शिफ्ट कर रहे हैं। भोजपुर के डीएम मनेष कुमार मीणा लगातार बाढ़ नियंत्रण विभाग से एक मिनट की खबर ले रहे हैं. जहां-जहां किसी को कुछ जरूरत है तो उसको दिया जा रहा है। राजनेताओं का भी निरीक्षण शुरू हो चुका है । बड़हरा के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर संबंधित पदाधिकारी से हालात से निपटने के लिए जानकारी भी ले रहे हैं। वहीं राजद के वरिष्ठ नेता रघुपति यादव गांव जाकर पिपरपाती गाँव जाकर कई घंटे ग्रामीणों के साथ बिताई। उन्होंने कहा है कि अगर जिला प्रशासन व्यवस्था नहीं करती है तो आंदोलन होगा। मंगलवार शाम 6 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक गंगा में 40 सेमी जलवृद्धि हुई। गंगा खतरे के लाल निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही है। शाहपुर और बड़हरा प्रखंड में कटाव शुरू हो गया है। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से आरा सदर, बड़हरा व शाहपुर प्रखंड के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गयी है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार सोमवार की शाम गंगा नदी का जलस्तर 53.08 मीटर था। मंगलवार की सुबह जलस्तर 53.28 मीटर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे तक यह बढ़कर 53.48 मीटर हो गया। इस तरह गंगा खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। विभाग के कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में अगले 24 घंटे तक वृद्धि की आशंका है। ऊपरी क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।विभाग की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। दूसरी तरफ बड़हरा प्रखंड के बलुआ पंचायत के पिपरपांती गांव के पास मंगलवार की दोपहर से कटाव शुरू हो गया। कटाव की चपेट में एक-दो झोपड़ियां आयी हैं। ग्रामीणों में दहशत है। पिपरपांती के अलावा बलुआ, केवटिया, मझौली, महुली, मौजमपुर और नेकनाम टोला लंबे समय से गंगा कटाव प्रभावित क्षेत्र रहे हैं। नदी का कटाव इसी तरह रहा तो आने वाले दिनों में आसपास के घरों के जमीन को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कटाव को रोकने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग के स्तर से पेड़ों की डाल और टहनियां काटकर गंगा नदी में डाल रहे हैं। इधर कोईलवर में भी सोन नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। लगातार बारिश भी हो रही है।
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