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दहेज प्रथा विवाह जैसे पवित्र बंधन को सौदेबाजी में बदलकर पूरे समाज के लिए एक घातक अभिशाप बनती जा रही है। यह प्रथा महिलाओं को महज एक वस्तु मानती है और दहेज की मांग पूरी न होने पर नवविवाहितों का शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता है, जिससे दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध भी होते हैं। इस कुप्रथा के कारण बेटियों को परिवार पर आर्थिक बोझ समझा जाने लगता है, जिससे कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं बढ़ती हैं और समाज में लड़का-लड़की के बीच भेदभाव व लैंगिक असमानता मजबूत होती है।
बेटी की शादी में भारी दहेज देने के चक्कर में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जीवनभर की जमा पूंजी खत्म हो जाती है और लोग भयंकर कर्ज के जाल में डूब जाते हैं। वहीं समाज में इस बढ़ती कुप्रथा और इसके दुष्प्रभावों को लेकर एक महिला का संगीत गाते हुए वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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