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चतरा के इटखोरी प्रखंड अंतर्गत मलकपुर पंचायत के मलकपुर गाँव में शिव मंदिर के लिए दान की गई भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। दानकर्ताओं के पुत्रों ने आरोप लगाया है कि धार्मिक उद्देश्य से दी गई इस भूमि की कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से खरीद-बिक्री की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।
जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय चमारी बैठा, स्वर्गीय उमन बैठा और स्वर्गीय लालों बैठा ने गाँव के शिव मंदिर के लिए लगभग १ एकड़ ३५ डिसमिल भूमि दान की थी। बताया जाता है कि यह भूमि मंदिर समिति के अध्यक्ष टहल साहू और सचिव बद्री साहू के नाम पर दान की गई थी, ताकि इसका उपयोग केवल धार्मिक कार्यों और मंदिर के हित में हो सके। दानकर्ताओं के पुत्र सकलदेव रजक और सुरेश रजक का आरोप है कि गाँव के कुछ दबंग लोग इस दान की गई भूमि की खरीद-बिक्री कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है क्योंकि यह किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि धार्मिक उद्देश्य के लिए थी।
शिकायतकर्ताओं ने इटखोरी के अंचलाधिकारी को पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपते हुए दान की गई जमीन की स्थिति की जाँच कराने और कथित तौर पर अवैध खरीद-बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है। सकलदेव रजक और सुरेश रजक ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें कुछ लोगों द्वारा लगातार धमकाया जा रहा है। उनके अनुसार, कई बार घर पहुँचकर गाली-गलौज और दबाव बनाने की कोशिश की गई है। उनका दावा है कि इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर गाली-गलौज होती दिखाई दे रही है, हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। इस मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। आरोपों की सत्यता प्रशासनिक जाँच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी, और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
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