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इंदौर की 28वीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वर्ष 2019 के चर्चित शिवानी हत्याकांड में आरोपी पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने कनाड़िया रोड स्थित संचार नगर एक्सटेंशन में अपने घर में पत्नी शिवानी का तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य अपराध के बाद, आरोपी ने मामले को प्राकृतिक मौत या सर्पदंश साबित करने के लिए शव को एक कोबरा सांप से कटवाया और फिर सबूत मिटाने के उद्देश्य से उस सांप को भी मार डाला था।
अभियोजन ने अदालत को बताया कि विवाह के बाद से ही आरोपी और उसके परिवार द्वारा दहेज एवं रुपयों की मांग को लेकर शिवानी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश जांच के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर किया।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर, अदालत ने आरोपी को हत्या, साक्ष्य मिटाने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कोबरा की हत्या के अपराधों में सिद्ध पाया। न्यायालय ने आरोपी को हत्या के मामले में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही विभिन्न धाराओं में अलग-अलग कारावास और अर्थदंड से भी दंडित किया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपी ने कानून से बचने के लिए एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा था, लेकिन वैज्ञानिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने उसकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।
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