*किरनापुर में उफना जनआक्रोश, हजारों की भीड़ ने घेरा थाना
गर्भवती महिला से कथित मारपीट के विरोध में मरार समाज का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां और छोड़े आंसू गैस के गोले; झड़प में पुलिसकर्मियों को भी चोट*
किरनापुर। बालाघाट जिले के किरनापुर में एक महिला से कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने मंगलवार को बड़ा रूप ले लिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मरार समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
शिकायत से शुरू हुआ विवाद, कार्रवाई की मांग पर जुटी भीड़
मामला किरनापुर थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उसके पति कैलाश चौधरी से कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर मारपीट एवं अभद्रता किए जाने से जुड़ा बताया गया है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बताया जाता है कि कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को बड़ी संख्या में मरार समाज के लोग किरनापुर पहुंच गए।
धरने से थाने के घेराव तक पहुंचा मामला
प्रदर्शनकारियों ने पहले धरना-प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। इसके बाद भीड़ थाने की ओर बढ़ गई और किरनापुर थाना चारों तरफ से लोगों से घिर गया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई।
लाठीचार्ज और आंसू गैस से मची अफरा-तफरी
थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान पुलिस की ओर भी पथराव हुआ और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
एसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
हालात बिगड़ने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
समाज की दो टूक—न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
मरार समाज के जिला अध्यक्ष रमेश पंचे ने कहा कि समाज का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उनका कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी के कारण समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ा।
किरनापुर में एक शिकायत से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था के बड़े सवाल तक पहुंच गया है। एक ओर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग है, तो दूसरी ओर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जांच पर टिकी हैं।
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