सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 1.77 करोड़ के लेनदेन का आरोप
सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 1.77 करोड़ के लेनदेन का आरोप
वारासिवनी थाने में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज, दस्तावेज और लेनदेन के साक्ष्य पुलिस को सौंपे
वारासिवनी क्षेत्र में शासकीय एवं आउटसोर्स नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से कथित रूप से मोटी रकम लेने और करोड़ों रुपए के लेनदेन का मामला सामने आया है। मामले में करीब ढाई सैकड़ा लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ब्रजकिशोर ठाकरे के द्वारा थाना वारासिवनी में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस के द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जिसमें शिकायतकर्ता के द्वारा १६ सितंबर को जांच अधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवारकर दस्तावेज उपलब्ध कराये गये हैं।
शासकीय और आऊटसोर्स की नौकरी लगाने लिया रूपये
प्राप्त जानकारी के अनुसार लालबर्रा निवासी सुमित वृषिक नामक युवक पर लोगों को सीधे शासकीय नौकरी अथवा आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर उनसे दस्तावेज एवं मोटी रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। नौकरी मिलने की उम्मीद में संबंधित लोगों द्वारा अपने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ राशि भी दी गई। शिकायतकर्ता ब्रजकिशोर ठाकरे के अनुसार उनकी पहचान भी उक्त व्यक्ति से हुई थी जिसके बाद उन्हें नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया और उनसे राशि ली गई। इसके बाद सुमित वृषिक के द्वारा ब्रजकिशोर ठाकरे के परिचितों, रिश्तेदारों एवं दोस्तों से भी संपर्क बढ़ाया गया तथा नौकरी लगवाने की बात कही गई। इसके चलते कई लोगों द्वारा अपने दस्तावेज ब्रजकिशोर के माध्यम से उपलब्ध कराते हुए कुछ राशि बैंक ट्रांसफर के माध्यम से तथा कुछ राशि नगदी रूप में दिए जाने की बात शिकायत में सामने आई है। समय बीतने के बाद संबंधित लोगों का चयन नहीं होने तथा लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर उन्होंने अपनी दी गई राशि वापस मांगना शुरू किया। शिकायतकर्ता ने संबंधित लोगों की राशि वापस दिलाने के लिए सुमित वृषिक से संपर्क किया और राशि लौटाने की मांग की। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा लगातार टालमटोल कर मोबाइल फोन बंद कर दिया गया। तो ब्रजकिशोर ठाकरे द्वारा २९ अगस्त को थाना वारासिवनी में शिकायत प्रस्तुत कर पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर उचित एवं कठोर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई थी। शिकायत के बाद पुलिस के द्वारा मामले की जांच प्रारंभ की गई। जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता को थाने बुलाकर मामले के संबंध में विस्तृत पूछताछ की तथा घटना से जुड़े दस्तावेज और लेनदेन से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा।
एसआईटी की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच किया जाये-ब्रजकिशोर ठाकरे
ब्रजकिशोर ठाकरे ने बताया कि २९ अगस्त को मेरे द्वारा वारासिवनी थाने में शिकायत की गई थी। उसमें अपने बयान दर्ज करवाने के लिए पुलिस के बुलावे पर आए हुए थे। हमने अपनी पूरी बात रख दी है यह मामला सरकारी नौकरी या आउट सोर्स में नौकरी लगने का है,जिसमें मेरी पहचान दोस्तों एवं अन्य लोगों से जुडा हुआ है। एक व्यक्ति सुमित वृषिक लालबर्रा का रहने वाला है वह स्वयं को महिला बाल विकास विभाग का अधिकारी बताता है उसने मेरे पहचान एवं मुझे सरकारी नौकरी लगने के लिए दस्तावेज और रुपए लिए हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति की राशि अलग.अलग है परंतु संयुक्त रूप से जोड़ा गया है तो लगभग १ करोड़ ७७ लाख रुपए का २५१ लोगों से लेनदेन हुआ है। रक्षाबंधन के बाद मैंने फ ोन किया तो फ ोन बंद हो गया वह मिल भी नहीं रहा था तो परेशान होकर हमने एक शिकायत की थी। क्योंकि वह टालमटोल कर रहा था यह काम वह वर्ष २०२२ से चला रहा है मेरी पहचान तभी हुई थी फिर २०२५ में मैंने उसका साथ छोड़ दिया था। जब लोगों का काम नहीं हुआ तो वह रुपए वापस मांग रहे हैं मेरे ऊपर भी दबाव बना रहे हैं। कुल १ करोड़ ७७ लाख रुपए लोगों का है जबकि मैंने अपनी सभी चीज बेचकर और गिरवी रखकर करीब ५८ लाख रुपए वापस दिया है फि र भी एक करोड़ ७७ लाख रुपए बचा है। आज मेरे बयान दर्ज हुए हैं सुमित वृषिक बहुत समय से गायब चल रहा है इसमें जांच हो रही है। पुलिस अधीक्षक बालाघाट से हमारी अपील है कि वह इस मामले में एसआईटी गठित कर पूरे मामले को ऊपर तक खोलें। क्योंकि उन्होंने लोगों को सरकारी नौकरी लगने का दावा किया था सभी पु्रफ हमारे पास हैं। मैं खुद इस मामले में शिकायत करता हूं अब मुझे भी बहुत परेशानी हो रही है।
बाइट ब्रजकिशोर ठाकरे शिकायतकर्ता
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