रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा
जिला — पन्ना, मध्यप्रदेश ।
हेडलाइन—
पन्ना के मोहन्द्रा में अनोखा दरबार! श्रद्धालु नहीं, बीमारियों से परेशान मरीज पहुंचते हैं धाम; भभूत से लकवा, टीबी, कैंसर और शुगर ठीक होने का दावा, 5 मंगलवार में रोग निदान की कही जा रही बात।
एंकर—
एक ऐसा धाम… जहां अर्जी लगाने के लिए न कोई शुल्क है, न कोई तय नियम।जहां श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में अलग-अलग बीमारियों से परेशान लोग भी पहुंचते हैं।दावा किया जाता है कि यहां महज भभूत ग्रहण करने और लगातार पांच मंगलवार आने से कई गंभीर बीमारियों में राहत मिलती है।
जी हां… हम यह दावा अपनी ओर से नहीं कर रहे, बल्कि यहां आने वाले लोगों और धाम के पीठाधीश के दावों को आपके सामने रख रहे हैं।
मामला पन्ना जिले के पवई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहन्द्रा का है, जहां गांव के बीच स्थित एक छोटे से धार्मिक स्थल पर मंगलवार के दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
नेशनल न्यूज लाइव की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां सैकड़ों की संख्या में लोग नजर आए।पूछताछ करने पर पता चला कि यहां आने वालों में कई ऐसे लोग भी हैं, जो लकवा, टीबी, शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने की बात बता रहे थे।
इस धाम के पीठाधीश्वर कन्हैया पौराणिक का दावा है कि यहां आने वाले लोगों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता। उनके अनुसार, भभूत के माध्यम से लोगों को राहत मिलने की मान्यता है और कई लोग लगातार पांच मंगलवार यहां आकर अपनी बीमारी ठीक होने की बात कहते हैं।
कन्हैया पौराणिक का कहना है कि यह दरबार उनके पिता बोटु महाराज शिव प्रसाद पौराणिक भी वर्षों तक लगाते रहे। पिता के निधन के बाद अब धाम के संचालन की जिम्मेदारी उनके पास है।
मंगलवार को यहां पहुंचने वाले लोगों में कोई बीमारी से परेशान दिखाई दिया, तो कोई अपनी मनोकामना लेकर पहुंचा था।कई लोगों ने बातचीत के दौरान दावा किया कि उन्हें यहां आने के बाद अपनी बीमारी में फायदा मिला और कुछ लोगों ने पांच मंगलवार आने के बाद पूरी तरह ठीक होने की बात भी कही।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्राउंड रिपोर्ट—
यहां सबसे खास बात यह है कि लोग अपनी मर्जी से अर्जी लगाने की बात कहते हैं और इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता।
लेकिन सवाल भी बड़ा है—क्या वास्तव में केवल भभूत या इस तरह की धार्मिक प्रक्रिया से गंभीर बीमारियां ठीक हो सकती हैं?
यह स्थान लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र हो सकता है, लेकिन बीमारी ठीक होने के दावों को वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय प्रमाण के बिना अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
नेशनल न्यूज लाइव यहां मौजूद लोगों और धाम के पीठाधीश द्वारा किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है।हमारा उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि इस पूरे मामले को तथ्यों और संवेदनशीलता के साथ आपके सामने रखना है।
आखिर क्या है इस धाम की पूरी कहानी?
क्यों दूर-दूर से लोग यहां पहुंच रहे हैं?
क्या वाकई पांच मंगलवार आने के बाद गंभीर बीमारियों से राहत मिलने का दावा सच है, या फिर यह सिर्फ आस्था और विश्वास का विषय है?
इन तमाम सवालों के जवाब तलाशती नेशनल न्यूज लाइव की देखिए खास रिपोर्ट ।
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