राजधानी पटना में हुई मूसलाधार बारिस ने विकास कि पोल खोल कर रख दिया
पटना सिटी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
बारिश ने खोली राजधानी के विकास की पोल, वार्ड 68 में जलजमाव से हाहाकार
राजधानी पटना में मंगलवार की दोपहर हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जलजमाव की पुरानी समस्या की तस्वीर सामने ला दी है। पटना के वार्ड संख्या 68 में बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं। मथनी तल रेलवे ओवरब्रिज के नीचे तो हालात ऐसे हो गए कि लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। बाइक और स्कूटी सवार पानी में फंसते नजर आए। कई दोपहिया वाहन बंद हो गए तो कुछ लोग फिसलकर गिरते भी दिखाई दिए। सबसे बड़ी चिंता स्कूली बच्चों को लेकर है, जिन्हें इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
रिपोर्टर वॉयस ओवर
तस्वीरें राजधानी पटना के वार्ड संख्या 68 की हैं… और ये तस्वीरें बता रही हैं कि मानसून की बारिश के बाद यहां लोगों की मुश्किलें कितनी बढ़ जाती हैं।
यह मथनी तल रेलवे ओवरब्रिज के ठीक नीचे का रास्ता है, जहां मंगलवार की दोपहर हुई मूसलाधार बारिश के बाद भारी जलजमाव हो गया।
सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी के बीच से निकलने की कोशिश कर रहे कई बाइक और स्कूटी सवारों के वाहन बंद हो गए।
वहीं, सड़क पर फिसलन के कारण दोपहिया वाहन सवारों के गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
वीजुअल—बाइक पानी में फंसी, लोग पैदल निकलते हुए, स्कूली बच्चे
बताया जा रहा है कि यह रास्ता आसपास के करीब 46 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन का मार्ग है। ऐसे में सड़क पर जलजमाव होने के बाद बड़ी आबादी की परेशानी बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। बारिश होते ही इस इलाके में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है। लोगों के मुताबिक, पिछले करीब 16 वर्षों से जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है ,
जल निकासी के लिए पटना नगर निगम की ओर से वाटर पंप भी लगाए गए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंप लगाए जाने के बावजूद जलजमाव की समस्या से तत्काल राहत नहीं मिल पा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले स्थानीय विधायक रत्नेश कुमार और पटना नगर निगम के कमिश्नर ने भी इस इलाके का निरीक्षण किया था। मौके पर जल निकासी को लेकर उपायों पर चर्चा की गई थी। लेकिन बारिश के बाद एक बार फिर हालात सामने हैं।
वीजुअल—स्कूली बच्चे पानी से गुजरते हुए
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को होती है। छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं। सड़क पर जमा गंदे पानी के बीच से गुजरना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि हर साल बारिश के दौरान पानी निकालने के लिए पंप लगाने के बजाय जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
पटना को स्मार्ट और विकसित राजधानी बनाने की बात लगातार होती है, लेकिन वार्ड 68 की ये तस्वीरें कई सवाल खड़े करती हैं। सवाल यह है कि आखिर पिछले 16 वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? फिलहाल बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
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