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राजस्थान के उनियारा में देहलवाल मंदिर परिसर में आंगनबाड़ी महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने “अभी करो अर्जेंट करो हमको परमानेंट करो”, “10000 में दम नहीं 25000 से कम नहीं” और “दिल्ली हो या राजस्थान सबका वेतन एक समान” जैसे नारे लगाते हुए जमकर आक्रोश जताया। इस आंदोलन के चलते वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटका हुआ है, जिससे कई व्यवस्थाएं बाधित हो रही हैं।
प्रदर्शन में शामिल बीना शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सारा काम उन पर लाद दिया जाता है। वहीं, अंजली वर्मा ने बताया कि लाभार्थियों के ओटीपी लेने तक की जिम्मेदारी उन्हें दे दी गई है, जबकि यह काम नर्सिंग कर्मचारियों का है। जिला अध्यक्ष मनीषा कुमावत ने कहा कि कोर्ट के नियम के अनुसार उनका वेतन ₹24,800 होना चाहिए, लेकिन सरकार उन्हें मात्र ₹10,000 दे रही है जो न्यूनतम वेतन से भी कम है। उन्होंने कहा कि आज आंगनबाड़ी महिलाएं सेवानिवृत्ति के बाद खाली हाथ घर जाने को मजबूर हैं, इसलिए उन्हें परमानेंट करने के साथ-साथ पेंशन भी शुरू की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक वे कोई काम नहीं करेंगी। महिलाओं ने बताया कि वे जिला कलेक्टर को ज्ञापन दे चुकी हैं और अब अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने जयपुर जाएंगी। इस प्रदर्शन में मधु साहू, उग्गंती योगी, कमला मीना, किशोरी मीना, शबाना खान और पार्वती देवी सहित कई महिलाएं शामिल थीं।
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