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सांसद अफ़ज़ाल अंसारी और बाहुबली बृजेश सिंह के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जिसमें दोनों ओर से तीखी बयानबाजियां की जा रही हैं। यह विवाद पूर्वांचल की राजनीति और अपराध जगत के दशकों पुराने बाहुबल और वर्चस्व की जंग का हिस्सा है, जो मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद राजनीतिक बयानबाजियों के जरिए फिर से चर्चा में है।
हाल ही में एक साक्षात्कार में बृजेश सिंह ने दावा किया था कि अफ़ज़ाल अंसारी ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और अपनी ‘राजनीतिक रोटी सेंकने’ के लिए मुख्तार अंसारी को अपराध की दुनिया में धकेला, जिसके कारण उन्हें अपना पूरा जीवन जेल में बिताना पड़ा। इस पर पलटवार करते हुए, अफ़ज़ाल अंसारी ने बिना नाम लिए बृजेश सिंह को ‘पेशेवर हत्यारा’ बताया और तंज कसा कि जिन लोगों ने उन्हें पनाह दी, उन्होंने उन्हीं का नामोनिशान मिटा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ‘अभी तो उन्होंने शुरुआत की है, उन्हें आने दीजिए और खुलने दीजिए’।
उल्लेखनीय है कि मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह के बीच की अदावत दशकों पुरानी है। अफ़ज़ाल अंसारी ने पहले भी आरोप लगाया था कि ‘उसरी कांड’ में बृजेश सिंह के खिलाफ गवाही देने से रोकने के लिए मुख्तार अंसारी को जेल में जहर देने की साजिश रची गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद उपजी सहानुभूति का लाभ उठाने और पूर्वांचल में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए, दोनों ही पक्ष अब एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए अपनी सियासी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
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