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सिर्फ 12,000 किलोमीटर चलने के बाद एक नई कार में गंभीर तकनीकी खराबी आने का मामला सामने आया है। वाहन मालिक ने आरोप लगाया है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण इंजन में यह समस्या पैदा हुई है। उनका यह भी कहना है कि कार वारंटी में होने के बावजूद, सर्विस सेंटर ने इसे वारंटी के दायरे से बाहर बताते हुए मुफ्त मरम्मत करने से इनकार कर दिया।
इस घटना ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग, वाहन निर्माताओं की जिम्मेदारी और वारंटी नियमों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और संबंधित कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यह स्थिति कि क्या इथेनॉल वास्तव में नई गाड़ियों के लिए नुकसानदायक है या यह किसी अन्य तकनीकी कारण का मामला है, विशेषज्ञों की राय और कंपनी का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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