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जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत हरनी पंचायत का खलारी गांव आजादी के इतने वर्षों बाद भी पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों के अनुसार, कच्ची सड़क पर मिट्टी होने के कारण बारिश के दिनों में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। सड़क पर पानी जमा होने से कीचड़ बढ़ जाता है और कई जगहों पर सड़क नाले जैसी बन जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस बदहाल सड़क का असर गांव की अन्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है। सफाईकर्मियों ने बताया कि अत्यधिक कीचड़ के कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का काम भी प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, बारिश में स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुँच पातीं, जिसके चलते मरीजों को खाट या कंधे के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे को जिलाधिकारी, स्थानीय विधायक और कई बार आमसभा में भी उठाया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस संबंध में ग्रामीण चानो तुरी ने कहा कि यह गांव उनके पूर्वजों के समय से बसा हुआ है, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण आज भी सड़क जैसी सुविधा से वंचित है। ग्रामीण रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव आने पर जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं कि सड़क बना दी जाएगी, पर आज भी स्थिति वही है और ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। विकास मित्र सुनील मांझी ने भी बताया कि उन्होंने कई बार आमसभा में बात रखी और आवेदन दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय विधायक प्रफुल्ल मांझी ने बताया है कि सड़क का डीपीआर तैयार हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि यह आश्वासन उन्हें हर चुनाव में दिया जाता है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है। गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए तत्काल सड़क निर्माण की मांग की है।
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