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डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत का आरोप, अस्पताल में 2 घंटे हंगामा, पीएम कर जांच के आदेश
लोकेशन :- बीना
रिपोर्टर :- राकेश सेन
बीना :-बीना के शासकीय सिविल अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक मरीज की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने शुक्रवार को सुबह अस्पताल में करीब 2 घंटे तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य खुशी लाल अहिरवार एवं सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय, और नायब तहसीलदार हेमराज सिंह मेहर ने मामले को शांत कराया। परिजनों की मांग पर बीएमओ ने डॉक्टरों की टीम बनवाकर मरीज का पोस्टमार्टम कराया।
क्या है पूरा मामला
मृतक बबलू उर्फ कल्लू कुशवाहा, उम्र 34 वर्ष निवासी कटरा मंदिर के पीछे प्रताप वार्ड को गुरुवार शाम करीब 8 बजे सीने में तेज दर्द होने परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।
मृतक के भाई देवी कुशवाहा एवं तुलाराम ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर पहले पर्चा बनवाया गया। इसके बाद डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया, लेकिन सीने का दर्द कम नहीं हुआ। इसके बाद परिजन मरीज को रात घर ले गए। रात भर दर्द सहने के बाद शुक्रवार सुबह 5 बजे जब दोबारा अस्पताल लाया गया तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने ऑटो में ही देखकर कहा कि मरीज मृत हो चुका है। कुछ देर बाद डॉक्टर ने पर्चा भी लिख दिया।
देवी कुशवाहा ने कहा, “मरीज की मृत्यु के बाद पर्चा लिखा जाना घोर लापरवाही दर्शाता है। समय पर सही इलाज नहीं मिलने से मेरे भाई की जान गई।”
अस्पताल में हंगामा, जनप्रतिनिधि पहुंचे
मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार हेमराज सिंह मेहर मौके पर पहुंचे।
इंदर सिंह ठाकुर ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “बीना में बड़े-बड़े कारखाने हैं, लेकिन अच्छे डॉक्टरों की कमी है। 100 बिस्तर अस्पताल के लिए अब तक जगह तक नहीं ढूंढी जा सकी, यह शर्मनाक है। डॉक्टरों की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।”
उन्होंने बीएमओ से मांग की कि डॉक्टरों की टीम बनाकर पीएम कराया जाए और मामले की न्यायिक जांच हो।
बीएमओ ने कराया पीएम, पुलिस जांच में जुटी
परिजनों की मांग पर बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने डॉक्टरों की टीम बनवाकर मृतक का पोस्टमार्टम कराया। इंदर सिंह ठाकुर ने परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया और नायब तहसीलदार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर जांच शुरू कर दी है।
वहीं अस्पताल के डॉ. दीपक तिवारी का कहना है कि मरीज को जब पहली बार लाया गया था तब प्राथमिक उपचार दिया गया था। मरीज को ईसीजी और भर्ती करने की सलाह दी गई थी, लेकिन अटेंडेंट द्वारा उस पर ध्यान नहीं दिया गया और मरीज को घर ले जाया गया।
फिलहाल पुलिस पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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