नेहरू, अटल, मुलायम ने भी यहां कॉफी पी; वीर बहादुर सिंह इस्तीफा देकर यहीं पहुंचे लखनऊ के 88 साल पुराने ‘इंडियन कॉफी हाउस’ (Indian Coffee House) के बारे में है, जो उत्तर प्रदेश की सियासत और बुद्धिजीवियों का एक ऐतिहासिक केंद्र रहा है। वर्तमान में, पिछले कुछ महीनों से इस ऐतिहासिक कॉफी हाउस पर ताला लटका हुआ है।इस जगह से जुड़े मुख्य ऐतिहासिक तथ्य:सियासत का बड़ा अड्डा: यह सिर्फ एक रेस्टोरेंट नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का मुख्य केंद्र था, जहां पत्रकार, साहित्यकार और बड़े-बड़े राजनेता बैठते थे।दिग्गज नेताओं का आना-जाना: देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जैसी बड़ी हस्तियों ने यहां कॉफी की चुस्कियां ली हैं।वीर बहादुर सिंह का इस्तीफा: साल 1988 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने जब अपने पद से इस्तीफा दिया, तो वे बिना किसी तामझाम के सीधे इसी कॉफी हाउस पहुंचे थे।लालजी टंडन की पाठशाला: भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत यहीं से की थी और वे इसे अपनी ‘राजनीति की पाठशाला’ मानते थे।पूर्व पीएम चंद्रशेखर का दौरा: साल 2002 में लखनऊ आगमन पर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी सबसे पहले इसी इंडियन कॉफी हाउस पहुंचे थे।
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र लखनऊ
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