*गोरखपुर की दो महिला ठग, जिन्होंने पुलिस अफसरों को फंसाया:* DSP को ब्लैकमेल किया, डॉक्टरों से 10 करोड़ ठगे; डायरी में लिखा- जल्द अरबपति बनूंगी ठगी का तरीका: गरिमा सिंह (जो कि एक रेलवे स्टेशन अधीक्षक की पीएचडी धारक बेटी है) अपने पिता के साथ मिलकर लोगों को जाल में फंसाती थी। उसके पिता पहले ऐसे संपन्न लोगों या डॉक्टरों को ढूंढते थे जिन पर लोन हो। इसके बाद गरिमा उन्हें कम ब्याज पर बड़ा लोन दिलाने या पुराना लोन माफ कराने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठ लेती थी।डॉक्टर की खुदकुशी: गोरखपुर के एक 42 वर्षीय डॉक्टर परमात्मा सिंह से इस गैंग ने कथित तौर पर करीब 1.40 करोड़ रुपये की ठगी की। पैसे वापस मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं, जिससे परेशान होकर उन्होंने अपने अपार्टमेंट से कूदकर आत्महत्या कर ली और सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का नाम लिखा।डायरी का सनसनीखेज खुलासा: गिरफ्तारी के बाद पुलिस को गरिमा की एक पर्सनल डायरी मिली। डायरी में उसने लिखा था: “मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपये कमाना है।”अंशिका सिंह: हनीट्रैप और पुलिस अफसरों को ब्लैकमेलहनीट्रैप का जाल: इस मामले से जुड़ी दूसरी महिला अंशिका सिंह मीठी बातों और खूबसूरत चेहरे का इस्तेमाल कर रसूखदार लोगों को अपने जाल में फंसाती थी।DSP को ब्लैकमेल: उसने एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी और कई अन्य रसूखदारों को हनीट्रैप में लेकर उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी और ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली।पुलिस की कार्रवाईपुलिस ने इस संगठित अपराध और 10 करोड़ से अधिक के बड़े घोटाले (Scam) के मामले में मुख्य आरोपी गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग थानों में कई FIR दर्ज की हैं और गैंग से जुड़े अन्य लोगों व उनके बैंक खातों की जांच की जा रही है।
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र
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