अवैध खनन ने बुझा दिए दो घरों के चिराग, मिट्टी के नीचे दफन हो गए मासूमों के सपने।
मेन कैनाल में मिट्टी धंसने से दो बच्चों की मौत, दो घायल; परिजनों ने मुख्य पार्षद प्रतिनिधि पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- सरकारी मिट्टी का कराया जाता है खनन।
अवैध खनन ने बुझा दिए दो घरों के चिराग, मिट्टी के नीचे दफन हो गए मासूमों के सपने।
मेन कैनाल में मिट्टी धंसने से दो बच्चों की मौत, दो घायल; परिजनों ने मुख्य पार्षद प्रतिनिधि पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- सरकारी मिट्टी का कराया जाता है खनन।
अवैध खनन ने बुझा दिए दो घरों के चिराग, मिट्टी के नीचे दफन हो गए मासूमों के सपने।
मेन कैनाल में मिट्टी धंसने से दो बच्चों की मौत, दो घायल; परिजनों ने मुख्य पार्षद प्रतिनिधि पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- सरकारी मिट्टी का कराया जाता है खनन।
नरपतगंज। फुलकाहा थाना क्षेत्र के मधुरा पश्चिम नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 में रविवार को कथित अवैध मिट्टी खनन ने दो मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली। जिस मिट्टी के ढेर के आसपास मासूम बच्चे खेल रहे थे, वही मिट्टी देखते ही देखते उनके लिए मौत का पहाड़ बन गई। अचानक मिट्टी धंसने से चार बच्चे उसके नीचे दब गए। हादसे में दो मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हो गए।
मृतकों की पहचान मधुरा पश्चिम वार्ड संख्या-1 निवासी रविन्द्र पासवान के आठ वर्षीय पुत्र आयन्स कुमार तथा संजीत कुमार पासवान के सात वर्षीय पुत्र साजन कुमार के रूप में हुई है। वहीं छोटू कुमार पासवान के आठ वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार समेत एक अन्य बालक घायल हुआ है। अंकुश की हालत गंभीर बताई जा रही है।
खेलते-खेलते मौत के मुंह में समा गए मासूम:
रविवार का दिन था। मासूम बच्चे खेल रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पल बाद उनके साथ ऐसा हादसा होने वाला है, जो दो परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देगा। मेन कैनाल के बांध के समीप अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया और चार बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
बच्चों के मिट्टी में दबने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण और परिजन दौड़कर पहुंचे और किसी तरह मिट्टी हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दो मासूमों की सांसें थम चुकी थीं।
दो घरों के बुझ गए चिराग, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल:
आयन्स और साजन की मौत ने दो परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा है। मां-बाप की आंखों के सामने उनके बच्चों के सपने मिट्टी में दफन हो गए।
परिजनों के करुण क्रंदन से घटनास्थल का माहौल गमगीन हो उठा। ग्रामीणों का कहना था कि अगर मेन कैनाल के बांध से कथित रूप से अवैध तरीके से मिट्टी काटने पर समय रहते रोक लगाई गई होती, तो शायद आज दो मासूम जिंदा होते।
पोस्टमार्टम के विरोध में एनएच-27 पर उतरे परिजन:
घटना की सूचना मिलते ही फुलकाहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन आक्रोशित परिजनों ने इसका विरोध कर दिया।
इसके बाद परिजन दोनों बच्चों के शव लेकर नरपतगंज पहुंचे और थाना के समीप एनएच-27 पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजन और ग्रामीण जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
काफी देर तक हंगामा और प्रदर्शन चलता रहा। बाद में नरपतगंज विधायक देवंती यादव मौके पर पहुंचीं और आक्रोशित लोगों को समझाया। विधायक की पहल के बाद जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद परिजन शवों को पोस्टमार्टम के लिए अररिया ले जाने की प्रक्रिया में जुटे।
अवैध मिट्टी खनन पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:
हादसे के बाद मेन कैनाल के बांध से कथित अवैध मिट्टी कटाई को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ग्रामीणों का आरोप है कि बांध से लगातार चोरी-छिपे मिट्टी काटे जाने के कारण कई जगह गहरे गड्ढे और खतरनाक ढलान बन गए हैं। इसी तरह की जगह पर बच्चे खेल रहे थे और अचानक मिट्टी धंसने से चारों बच्चे दब गए।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सरकारी संपत्ति से मिट्टी की कथित अवैध कटाई आखिर किसकी शह पर होती रही? यदि समय रहते कार्रवाई होती तो क्या आज दो मासूमों की जान बच सकती थी?
मुख्य पार्षद प्रतिनिधि इंद्रानंद पासवान पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप:
मृत बच्चों के परिजनों एवं कुछ ग्रामीणों ने नगर पंचायत नरपतगंज के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि इंद्रानंद पासवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि उनकी सहमति से मधुरा पश्चिम निवासी राजो पासवान द्वारा कथित रूप से सरकारी मिट्टी का खनन कराया जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि इसी कथित अवैध मिट्टी कटाई से घटनास्थल पर खतरनाक स्थिति बनी और आखिरकार दो मासूमों की जान चली गई।
हालांकि, इंद्रानंद पासवान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
विधायक बोलीं- जांच में दोषी मिला तो होगी कार्रवाई:
विधायक देवंती यादव ने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए मृत बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की शिकायतों और घटना की जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हादसे ने प्रशासन से पूछे कई सवाल:
इस दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मेन कैनाल के बांध से अवैध तरीके से मिट्टी काटी जा रही थी तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग और प्रशासन को क्यों नहीं हुई? सरकारी मिट्टी की कथित चोरी पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और सबसे बड़ा सवाल—क्या दो मासूमों की जान जाने के बाद ही जिम्मेदार तंत्र जागेगा?
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है। लोग चाहते हैं कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, सरकारी मिट्टी के कथित अवैध खनन की सच्चाई सामने आए और यदि किसी की लापरवाही या संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी दूसरे घर का चिराग इस तरह मिट्टी में दफन न हो।
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