गोरखपुर के सहजनवा नगर पंचायत के पिपरा नई कॉलोनी में छह वर्षीय अंशुमान सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रविवार को मुख्य आरोपी कल्पेश राय और उसकी पत्नी नीलम प्रभा राय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, अंशुमान दो जुलाई को लापता हो गया था, जिसके बाद शुक्रवार शाम उसका शव बरामद हुआ। इस घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक और आक्रोश फ़ैल गया। गहन पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपी कल्पेश की पत्नी नीलम प्रभा राय की भी भूमिका सामने आने पर उसे नामजद कर गिरफ्तार किया।
जाँच में पता चला कि संतकबीरनगर निवासी कल्पेश राय ने समाज और परिवार का विरोध झेलते हुए अपने से करीब आठ वर्ष बड़ी नीलम प्रभा राय से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वे सहजनवा की पिपरा नई कॉलोनी में किराये के मकान में रहने लगे। कल्पेश गीडा क्षेत्र की एक धागा फैक्ट्री में मजदूरी करता था, लेकिन कुछ समय पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, घरेलू खर्च और कर्ज के दबाव ने उनकी मुश्किलें काफी बढ़ा दी थीं।
पुलिस का कहना है कि इसी आर्थिक संकट से उबरने के लिए आरोपी ने अपने ही मकान मालिक के बेटे अंशुमान के अपहरण और फिरौती की साजिश रची थी। हालाँकि, घटनाक्रम के दौरान मासूम की हत्या कर दी गई। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और उपलब्ध साक्ष्यों तथा जाँच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह हृदयविदारक हत्याकांड पूरे इलाके को झकझोर देने वाला है, जिसने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आर्थिक संकट का समाधान अपराध नहीं, बल्कि कानून और सामाजिक दायरे में रहकर ही खोजा जाना चाहिए।
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