छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन
“शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत” — भानु प्रताप सिंह
मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है।
इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए।
भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा।
उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा।
छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
जमीन से जुड़ी हर खबर के लिए जुड़े रहिए।
रिपोर्टर — ठाकुर कैलाश सिंह यदुवंशी
छाता, मथुरा
छाता शुगर मिल को लेकर बड़ा ऐलान, किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दिया समर्थन
“शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत” — भानु प्रताप सिंह
मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना लगातार बड़ा रूप लेता जा रहा है। धरना स्थल पर प्रतिदिन अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से किसान, ग्रामीण, महिलाएं एवं सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब किसान संगठनों के नेताओं ने भी किसानों की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है।
इसी क्रम में किसान नेता भानु प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छाता शुगर मिल किसानों के हक और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इसे हर हाल में चलाया जाना चाहिए।
भानु प्रताप सिंह ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो देशभर के बड़े किसान नेताओं और किसान संगठनों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा।
उन्होंने जोश भरे अंदाज में कहा कि “शुगर मिल नहीं चली तो होगा महाभारत।” उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
किसान नेता ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हक की इस लड़ाई में किसान संगठनों का समर्थन लगातार मिलता रहेगा।
छाता शुगर मिल को लेकर बढ़ते आंदोलन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मांग पर कोई ठोस निर्णय लेगी या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
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