BSEIDC को भेजी गई RTI का आज तक नहीं मिला जवाब, क्या सूचना का अधिकार भी बन गया है ‘डेट पर डेट’ की व्यवस्था?
बेगूसराय: बछवाड़ा प्रखंड के अरवा में, “अरवा नवीन विद्यालय” के निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए 15 जून 2026 को बिहार शिक्षा परियोजना एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC) के समक्ष सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत आवेदन दिया गया था। आवेदन में विद्यालय निर्माण से जुड़े दस्तावेज़ एवं अन्य आवश्यक सूचनाएँ मांगी गई थीं। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद आज तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही कोई लिखित उत्तर प्राप्त हुआ।
इस बीच अरवा नवीन विद्यालय का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो चुका है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब निर्माण कार्य जारी है, तो मांगी गई जानकारी देने में देरी क्यों की जा रही है। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हो रहा है, तो सूचना देने में अनावश्यक विलंब का क्या कारण है?
सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। लेकिन कई मामलों में समय पर सूचना नहीं मिलने से लोगों का भरोसा कमजोर होता है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सूचना का अधिकार भी अब ‘डेट पर डेट’ देने वाली व्यवस्था बनकर रह गया है? जबकि कानून के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने के कारण अब इस मामले में प्रथम अपील (First Appeal) दायर करने की तैयारी की जा रही है। आवेदक का कहना है कि यदि प्रथम अपील के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, तो आगे सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
यह मामला केवल एक RTI आवेदन का नहीं, बल्कि सूचना के अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न भी है। संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे कानून के अनुरूप शीघ्र सूचना उपलब्ध कराकर पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
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