sonu sharma जी की सुने बिहार के लाला कै किए सब छात्र के भला l
जब कि रौशन सर के भाई के मरने के बाद बहुत कुछ हुआ, हु-हाला l
प्रसिद्ध शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैजल खान) की छवि को खराब करने और उन्हें विवादों में घसीटने के लिए मुख्य रूप से कोचिंग माफिया की प्रतिद्वंद्विता, सोशल मीडिया पर पुरानी वीडियो की भ्रामक शेयरिंग और निजी जीवन से जुड़े गंभीर आरोप जिम्मेदार माने जा रहे हैं। [1]
खान सर और उनकी टीम का स्पष्ट तौर पर कहना है कि वे बहुत ही कम फीस में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देते हैं, जिससे कई बड़े कोचिंग संस्थान परेशान हैं और वे मिलकर उनकी छवि खराब करने की साजिश (कॉन्स्पिरेंसी) रच रहे हैं। [1, 2, 3]
हालिया समय में खान सर की छवि को प्रभावित करने वाले मुख्य विवाद और तरीके इस प्रकार हैं:
1. प्रतिद्वंद्वी कोचिंग सेंटर्स (Rival Coaching Institutes) का विवाद
कोचिंग सेंटर पर हमला और गोलीबारी: जून 2026 में पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर कुछ नकाबपोश लोगों ने तोड़फोड़ और हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा गार्डों की तरफ से हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने खान सर पर भी एफआईआर दर्ज की और उन्हें जांच के दायरे में लिया। [1, 2, 3]
सस्ती शिक्षा का विरोध: खान सर ने खुद मीडिया को दिए बयान में आरोप लगाया था कि प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संचालक (Coaching Operators) उनके खिलाफ हैं क्योंकि वह बहुत कम दाम में शिक्षा उपलब्ध कराते हैं, जिससे अन्य संस्थानों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। [1]
2. निजी जीवन से जुड़े गंभीर आरोप (Personal Allegations)
धमकी देने की एफआईआर: अगस्त 2026 में उत्तर प्रदेश की एक महिला ने पटना में खान सर के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि खान सर से उसकी जान को खतरा है और यह मामला उसकी रूममेट के साथ पुराने संबंधों से जुड़ा है। हालांकि, खान सर की टीम ने इसे उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने का एक हथकंडा बताया है और इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। [1, 2]
3. सोशल मीडिया पर पुरानी वीडियो की भ्रामक शेयरिंग
भ्रामक फैक्ट-चेक: सोशल मीडिया पर लगातार खान सर के पुराने वीडियो को नए संदर्भों (जैसे मीडिया बनाम शिक्षक विवाद) से जोड़कर गलत तरीके से वायरल किया जाता है। फैक्ट-चेक में यह साबित हो चुका है कि इंटरनेट पर उनके कई सालों पुराने वीडियो को इस तरह से काट-छांट कर (Out of Context) पेश किया जाता है जिससे लोगों में उनके प्रति नाराजगी पैदा हो। [1]
4. छात्रों के आंदोलनों से जोड़ना
उकसाने के आरोप: प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे BPSC या RRB-NTPC) के दौरान जब छात्र धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो अक्सर प्रशासन या जांच एजेंसियों द्वारा खान सर पर छात्रों को भड़काने के आरोप लगाए जाते हैं। इस पर खान सर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे सिर्फ छात्रों के हक की बात करते हैं, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर उन्हें ‘अपराधी’ साबित कर सरकार और व्यवस्था के सामने उनकी छवि खराब करना चाहते हैं। [1]
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