कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का विवादित बयान,देश को नहीं, प्रधानमंत्री को मांगनी चाहिए माफी
दरभंगा – नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और छात्रों पर दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत शनिवार को दरभंगा पहुंचीं। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर आंदोलन में शामिल छात्रों पर हुई कार्रवाई वापस लेने और उन्हें पूरी तरह से राहत देने की मांग की। इस दौरान सुप्रिया श्रीनेत ने आंदोलन से प्रभावित छात्रों से भी मुलाकात की और उन्हें हरसंभव कानूनी एवं राजनीतिक सहायता का भरोसा दिलाया।
वही परिसदन में आयोजित प्रेसवार्ता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए, उन पर माफी मांगने के बजाय वह देश को माफ करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के कपड़े फाड़े गए, उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और कई स्थानों पर बल प्रयोग किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कील लगे डंडों से हमला किया गया, करंट लगाया गया और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इन घटनाओं के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए देश से माफी मांगने की मांग की।
वही कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं,
कांग्रेस को जर्सी गाय और कांग्रेस की विधवा मुजरा 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड् की बात आप करते है। आपको माफ़ी मांगनी चाहिए। जो महिलाओं को दिन बलात्कार की धमकी दिया करते है। आप अभद्र भाषा की बात करियेगा। आपके सांसद रमेश विदुरी ने किस शब्द का इस्तेमाल किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेताओं को कार्रवाई के बजाय संरक्षण और पद दिए जाते हैं। सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री की उम्र का भी जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा सरकार से पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब चाहते हैं, लेकिन उनकी चिंताओं का समाधान करने के बजाय प्रधानमंत्री अलग तरह के संदेश दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश से जवाब देने और माफी मांगने की आवश्यकता है, न कि देश को माफ करने की बात कहने की।
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