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दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहाँ ओझौल पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सूरज कुमार पर वाहन छीनने और रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है, क्योंकि खुद ओझौल पंचायत की मुखिया निक्की कुमारी इन आरोपों के खिलाफ मैदान में उतर आई हैं। उन्होंने बहादुरपुर थाने में एक लिखित आवेदन देकर विरोधी पक्ष के सभी दावों को झूठा, बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है, आरोप लगाया है कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के कारण उनके पति की छवि खराब करने और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है।
मुखिया निक्की कुमारी ने पुलिस को दिए आवेदन में अपनी तरफ से पूरी कहानी बताई है। उनके अनुसार, हकीकत यह है कि आरोप लगाने वाले आनंद कुमार ने मुखिया प्रतिनिधि सूरज कुमार से ₹7 लाख का कर्ज लिया था। आनंद कुमार ने फोनपे और अन्य डिजिटल माध्यमों से किस्तों में कुछ पैसे तो लौटाए, लेकिन पूरी रकम वापस नहीं की। जब बचे हुए पैसों की मांग की गई, तो आनंद कुमार ने अपनी चार पहिया गाड़ी खुद मुखिया के घर भिजवाई और कहा कि पैसे लौटाकर वह गाड़ी वापस ले जाएंगे।
मुखिया निक्की कुमारी का तर्क है कि गाड़ी घर पर खड़ी होने के बाद भी आनंद कुमार ने सूरज कुमार के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए। उनका सवाल है कि अगर गाड़ी छीनी गई होती, तो कोई खाते में पैसे क्यों भेजता? इसी सबूत के आधार पर मुखिया का कहना है कि यह मामला ‘वाहन छीनने’ या ‘रंगदारी’ का नहीं, बल्कि आपसी लेन-देन का है, जिसे अब राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुखिया ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके। फिलहाल, बहादुरपुर थाना पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है, जिसमें दोनों पक्षों के दावों और बैंक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिसिया जांच के नतीजे का इंतजार है।
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